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बीकानेर का 539वां स्थापना दिवस, पिता के तंज से जन्मा था ऐतिहासिक-सांस्कृतिक शहर

Rajasthan: ऐतिहासिक बीकानेर राजस्थान के थार रेगिस्तान में है। इतिहासकारों का कहना है कि ये शहर विजय से नहीं, बल्कि गौरव से अस्तित्व में आया था। माना जाता है कि बीकानेर की स्थापना 1488 में जोधपुर के शासक राव जोधा के पुत्र राव बीका ने की थी। पिता के एक व्यंग से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षा को परवान चढ़ाया और ये शहर बनाया।

स्थानीय इतिहासकार बताते हैं कि कैसे इस शहर का विकास छोटी सी बस्ती से ऐक ऐसे शहर के रूप में हुआ, जिसने राजस्थान के सांस्कृतिक और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसके विकास में व्यापारिक समुदाय की उल्लेखनीय भूमिका रही है। उन्होंने शहर की अर्थव्यवस्था को आकार दिया और बरसों इसके विकास और पहचान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहे।

रविवार को बीकानेर का 539वां स्थापना दिवस मनाया गया। ये सदियों से चली आ रही परंपरा है। इस विरासत के केंद्र में लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर है। ये वही जगह है, जहां से बीकानेर की यात्रा शुरू हुई थी।

स्थानीय लोगों के लिए, स्थापना के 539 सालों के बाद, बीकानेर एक शहर ही नहीं, उनका गौरव है। ये इस बात का सबूत है कि कैसे एक साधारण सा ताना इतिहास की दिशा बदल सकता है। मामूली से तंज को उस चिंगारी के रूप में याद किया जाता है, जिसने राव बीका को शहर की स्थापना के लिए प्रेरित किया और अपने गौरव को स्थायी विरासत में तब्दील कर दिया।