Bengaluru: कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य में H1N1 इन्फ्लुएंजा यानी मौसमी फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को भरोसा दिलाया है। विभाग ने कहा कि फिलहाल मामलों में हुई बढ़ोतरी मानसून के दौरान हर साल देखी जाने वाली मौसमी वृद्धि का हिस्सा है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कर्नाटक में इन्फ्लुएंजा के मामले आमतौर पर साल में दो बार बढ़ते हैं। पहला दौर जनवरी से मार्च और दूसरा जुलाई से सितंबर के बीच होता है।
स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने राज्य और जिला स्तर के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया। विभाग ने कहा कि किसी भी तरह से मामलों में अचानक बढ़ोतरी या प्रकोप जैसी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा और जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं।
इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, 22 अगस्त 2026 तक कर्नाटक के 32 जिलों में H1N1 समेत इन्फ्लुएंजा के 4,212 लैब से पुष्टि किए गए मामले सामने आए हैं। वर्ष 2025 में इसी अवधि में 4,583 और 2024 में 3,903 मामले दर्ज किए गए थे। जिला स्तर पर MSU-ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी में सबसे ज्यादा 2,070 मामले सामने आए हैं। इसके बाद बेंगलुरु अर्बन में 1,011 और उडुपी में 300 मामले दर्ज किए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने WHO और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) की निगरानी भी मजबूत कर दी है। इसके तहत ICMR-NCDC नेटवर्क और वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरीज (VRDL) नेटवर्क के माध्यम से समय पर सैंपल लेने और जांच की व्यवस्था की जा रही है।
राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों को PPE किट, N95 मास्क और ओसेल्टामिविर जैसी जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को ILI और SARI के शुरुआती लक्षण पहचानने, जोखिम का आकलन करने और मरीजों के इलाज को लेकर भी जागरूक किया गया है। निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को H1N1 के मरीजों की जांच और इलाज के लिए राज्य द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने तथा सभी मामलों की जानकारी IHIP प्लेटफॉर्म के जरिए निगरानी अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के उपायों को भी मजबूत किया है। लोगों को मास्क और श्वसन संबंधी सावधानियां बरतने, खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकने तथा नियमित रूप से हाथ धोने की सलाह दी गई है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेने, संक्रमित होने पर खुद को अलग रखने, आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने की सलाह दी गई है।
लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने और हाथ मिलाने से बचने तथा इस्तेमाल किए गए रुमाल या नैपकिन को दोबारा इस्तेमाल न करने को कहा गया है। कर्नाटक सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों का पालन करें। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।