उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार तीसरे दिन हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कई जगह जलभराव, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
लगातार बारिश के चलते प्रदेश की चार प्रमुख नदियां उफान पर हैं। नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी-नालों के पास न जाने और बिना जरूरी कारण यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के कई पहाड़ी जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बागेश्वर जिले में एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 24 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।