उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, राज्य के बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज से बहुत तेज बारिश की चेतावनी दी है। IMD के अनुसार, उत्तराखंड में कई स्थानों पर 7 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
रुद्रप्रयाग जिले के कई इलाकों में लगातार और तेज बारिश हो रही है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है। बारिश और कोहरे के कारण जिले में आवाजाही प्रभावित हुई है और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश और मिट्टी में बढ़ी नमी के कारण ग्रामीण इलाकों में सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। कृषि कार्य भी लगभग ठप हो गए हैं।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। 4 सितंबर को नैनीताल, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार और बागेश्वर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान पूरे राज्य में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज से बहुत तेज बारिश का अनुमान है।
5 सितंबर को देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। इससे पहले मंगलवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने राज्य के कुछ हिस्सों में 2 सितंबर सुबह 10 बजे तक भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया था।
USDMA के मुताबिक, 3 सितंबर को दोपहर 3:58 बजे से अगले 18 घंटों के दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के साथ बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई थी। अलर्ट में चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, भनोली, कटारमल, जैंती, रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर, कोटाबाग, भवाली और द्वाराहाट समेत आसपास के इलाकों को संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्र बताया गया है।