पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के वायनाड जिले के पुलपल्ली में एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने की परियोजना शुरू की है। इसका उद्देश्य मौसम की निगरानी को और मजबूत करना तथा भारी बारिश, क्लाउडबर्स्ट जैसी चरम मौसम संबंधी घटनाओं के लिए समय पर चेतावनी जारी करना है। रडार लगाने के लिए भूमि पझस्सी राजा कॉलेज, पुलपल्ली द्वारा उपलब्ध कराई गई है। इस पूरी प्रक्रिया में केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सक्रिय सहयोग और समन्वय किया है।
एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार करीब 100 किलोमीटर के दायरे में उच्च-रिज़ॉल्यूशन मौसम निगरानी करने में सक्षम होगा। इसका केंद्र पुलपल्ली होगा और इसके माध्यम से वायनाड तथा आसपास के क्षेत्रों के मौसम पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। रडार का संचालन, रखरखाव और निगरानी भारत मौसम विज्ञान विभाग के प्रशिक्षित तकनीकी और मौसम वैज्ञानिकों द्वारा की जाएगी। आईएमडी के अनुसार, रडार की स्थापना और उससे जुड़ा बुनियादी ढांचा लगभग अंतिम चरण में है। सभी तकनीकी और परिचालन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे होने के बाद दिसंबर 2026 के अंत तक इस रडार के चालू होने की उम्मीद है।
रडार के शुरू होने के बाद वायनाड और आसपास के क्षेत्रों में मौसम की निगरानी काफी मजबूत होगी। इससे अधिक सटीक मौसम पूर्वानुमान और समय रहते चेतावनी जारी करना संभव होगा। इससे आपदा प्रबंधन एजेंसियों, जिला प्रशासन और आम लोगों को भारी बारिश, अचानक बाढ़ और अन्य चरम मौसम संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने में मदद मिलेगी।