पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंगा’ किए जाने की चर्चा फिर तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को कहा कि राज्य का नाम अब ‘पश्चिम बंगा’ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नाम में बदलाव राज्य के ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा होगा। समिक भट्टाचार्य ने कहा, “मैं कितनी बार कहूं? नाम ‘पश्चिम बंगा’ ही होगा।”
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य का नाम बदलने के लिए सरकार अपने पहले ही विधानसभा सत्र में विधेयक पेश करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य का नाम उसकी ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा होना चाहिए।
इससे पहले सोमवार को भी समिक भट्टाचार्य ने कहा था कि ‘पश्चिम बंगा’ नाम को औपचारिक रूप से लागू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उन्होंने कहा था कि आगे ‘पश्चिम बंगला’, ‘बांग्ला’ या ‘बंगा’ जैसे नामों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
पीएम मोदी के 25 साल के कार्यकाल की तारीफ
समिक भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर दिए भाषण की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान देश के प्रति समर्पण की बात कही।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में स्वामी विवेकानंद और श्री अरविंद का भी जिक्र किया। बीजेपी नेता के मुताबिक, प्रधानमंत्री का भाषण देशभर के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने वाला है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बीजेपी को किसी से डरने या किसी को डराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर गैर-मुद्दों को मुद्दा बनाकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी हुई है और आने वाले वर्षों में केंद्र या राज्य में सरकार बदलने की विपक्ष की कोई संभावना नहीं दिखती।
मदरसा शिक्षा बोर्ड के फैसले का समर्थन
असम सरकार की ओर से स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड को स्कूल सर्विस कमीशन में विलय करने के फैसले का भी समिक भट्टाचार्य ने समर्थन किया।उन्होंने इसे समावेशी शिक्षा की दिशा में सही कदम बताया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में शिक्षा के लिए एक समान मानक होना चाहिए और मुस्लिम परिवारों के बच्चों को भी विज्ञान और गणित समेत मुख्यधारा की शिक्षा का पूरा अवसर मिलना चाहिए। बीजेपी नेता ने कहा कि सभी बच्चों को समान और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना नई शिक्षा नीति की सोच का हिस्सा है।