उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 22 सितंबर को नई दिल्ली में 9वें इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक 2026 (IIWW-2026) का उद्घाटन करेंगे। पांच दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन जल शक्ति मंत्रालय की ओर से किया जा रहा है। इस आयोजन में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ अंतरराष्ट्रीय संगठनों, शोध संस्थानों, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत, विकास भागीदारों, सिविल सोसाइटी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
जल सुरक्षा और जलवायु अनुकूल भविष्य पर चर्चा
इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक का उद्देश्य जल क्षेत्र से जुड़ी उभरती चुनौतियों पर चर्चा करना और जल सुरक्षा व जलवायु अनुकूल भविष्य के लिए समाधान तैयार करना है। कार्यक्रम में नीति निर्माता, वैश्विक जल विशेषज्ञ, शोधकर्ता, उद्योग प्रतिनिधि, युवा पेशेवर और अन्य हितधारक संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार और साझेदारी पर चर्चा करेंगे। इस आयोजन में नीदरलैंड और जर्मनी पार्टनर देश के रूप में शामिल होंगे। दोनों देशों के प्रतिनिधि जल प्रबंधन से जुड़े वैश्विक अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा करेंगे।
14 राज्य और 6 केंद्रीय मंत्रालय होंगे शामिल
कार्यक्रम में 14 राज्य पार्टनर स्टेट के रूप में हिस्सा लेंगे। वहीं, छह केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को भी पार्टनर मंत्रालय व विभाग के रूप में आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग बढ़ाना और जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
कई मंचों पर होगा विचार-विमर्श
इंडिया इंटरनेशनल वाटर वीक 2026 के दौरान कई सत्र और मंच आयोजित किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
इन सत्रों में जल प्रशासन, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, तकनीक, सामुदायिक भागीदारी और जल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
जल प्रबंधन की नई तकनीकों की लगेगी प्रदर्शनी
22 से 25 सितंबर तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें जल प्रबंधन को टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बनाने वाली नई तकनीकों, उत्पादों और समाधानों को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में जल संसाधनों के सतत प्रबंधन, जलवायु जोखिम, जल ढांचे के आधुनिकीकरण और नवीन वित्तीय मॉडल जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।
वॉश कॉन्फ्रेंस में पेयजल और स्वच्छता पर जोर
जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग की ओर से दूसरा इंटरनेशनल WASH कॉन्फ्रेंस 2026 भी आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन 22 से 24 सितंबर तक चलेगा। इसमें पेयजल की पहुंच, स्वच्छता ढांचे, स्वच्छता संबंधी व्यवहार और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में ऐसे समाधानों पर जोर रहेगा, जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके और जो किफायती व टिकाऊ हों।
संवाद से आगे बढ़कर समाधान लागू करने पर जोर
आयोजकों के अनुसार, IIWW-2026 का उद्देश्य चर्चा और ज्ञान को व्यावहारिक सुझावों, साझेदारियों और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों में बदलना है। कार्यक्रम में नीति, वित्त, तकनीक और सामुदायिक भागीदारी को जोड़कर जल सुरक्षा और जलवायु अनुकूलता को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।