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‘केरलम’ नाम पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है': राज्यसभा में नाम परिवर्तन विधेयक पास होने पर बोले MoS नित्यानंद राय

राज्यसभा ने बुधवार को केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। इस विधेयक का उद्देश्य संविधान और आधिकारिक प्रशासनिक रिकॉर्ड में राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करना है। विधेयक को लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में विधेयक पेश किया और इसके पारित होने का प्रस्ताव रखा। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि ‘केरलम’ नाम केवल राज्य के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है।

इसी बीच, विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) को बुधवार को विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया। केंद्र सरकार की ओर से संसद में इस संबंध में प्रस्ताव रखा गया, जिसे आगे की प्रक्रिया के लिए स्वीकार किया गया।

प्रस्ताव के अनुसार, JPC में कुल 31 सदस्य होंगे। इनमें लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य शामिल होंगे। लोकसभा के 21 सदस्यों का नामांकन लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के 10 सदस्यों का नामांकन राज्यसभा के सभापति द्वारा किया जाएगा। समिति को विधेयक के प्रावधानों की विस्तृत जांच कर 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करनी होगी।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने FCRA संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग की। समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी विधेयक के विरोध में उनका समर्थन किया। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सरकार के विधेयक को JPC के पास भेजने के फैसले का स्वागत करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाने जैसा कुछ नहीं है।

कांग्रेस ने हालांकि विधेयक को लेकर अपना विरोध बरकरार रखा है और इसे पूरी तरह वापस लेने की मांग की है। विपक्ष की ओर से पहले भी आशंका जताई गई है कि प्रस्तावित संशोधनों का इस्तेमाल नागरिक समाज और अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।

क्या है FCRA?

फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) देश में व्यक्तियों, संगठनों और संस्थाओं द्वारा प्राप्त विदेशी अंशदान को स्वीकार करने और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी योगदान का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए किया जाए, जिसके लिए वह प्राप्त किया गया है।

FCRA संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में 25 मार्च को पेश किया गया था और फिलहाल संसद में विचाराधीन है। वहीं, संशोधित FCRA नियम, 2026 को 22 जून को अधिसूचित किया गया था और वे लागू हो चुके हैं।