मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मिलने से ही राम राज्य की परिकल्पना साकार हो सकती है। नवरात्रि में मां भगवती की पूजा का वास्तविक अर्थ भी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रति समाज की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेटियों की शिक्षा और महिलाओं का स्वावलंबन सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री रविवार को बलरामपुर स्थित देवीपाटन मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘शिक्षा की उड़ान’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट वितरित की। साथ ही नौ कन्याओं का तिलक कर उन्हें चुनरी ओढ़ाई और चॉकलेट भेंट की।
2017 से पहले हर पांचवीं बेटी छोड़ देती थी पढ़ाई
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में स्कूल में दाखिला लेने वाली हर पांचवीं बेटी बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थी। जब इसकी वजह की जांच कराई गई तो कई स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई।
उन्होंने बताया कि इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, पेयजल और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया। उस समय 60 से 70 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं और कई बच्चों के पास सर्दियों में स्वेटर तक नहीं होते थे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, स्वेटर और जूते-मोजे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी से बदल रहे सरकारी स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। स्कूलों में फर्श और फर्नीचर के साथ स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं, ताकि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन का लाभ बिना भेदभाव समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने आकांक्षी जनपद में बच्चों को स्टडी टेबल उपलब्ध कराने की पहल की भी सराहना की।
महिलाओं को आवास और संपत्ति में मिल रहा अधिकार
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर की महिला मुखिया को मालिकाना हक देने पर जोर दिया जा रहा है। उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं के नाम गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक करोड़ से अधिक परिवारों को मिली घरौनी में भी महिलाओं को मालिकाना अधिकार मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन करोड़ से अधिक घरों में शौचालयों का निर्माण महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से भी जुड़ा है। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के तहत 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
अहिल्याबाई होलकर से रानी लक्ष्मीबाई तक नारी शक्ति के उदाहरण
मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास और संस्कृति में महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि माता कौशल्या, माता सीता, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी नारी सामर्थ्य की प्रतीक हैं।
उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और केदारनाथ सहित कई मंदिरों के पुनरुद्धार तथा रानी लक्ष्मीबाई, अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई के संघर्ष को याद किया। सीएम ने कहा कि नारी का सम्मान भारतीय संस्कृति की पहचान है।
कृषि मेले में किसानों को दिए उपकरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क तथा कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का अवलोकन किया। विराट किसान मेले में उन्होंने किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत चाबियां सौंपीं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना पूरी होने से कृषि विकास को गति मिलेगी। कृषि मेले के माध्यम से किसानों को नई तकनीक और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
बच्चों को स्टडी टेबल और स्टेशनरी किट देकर किया प्रोत्साहित
‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के तहत मुख्यमंत्री ने बेसिक और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के बच्चों को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और स्टेशनरी किट प्रदान की। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को ट्रैकसूट भी दिए गए। बच्चों ने अपनी लिखी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक मुख्यमंत्री को भेंट की।
इस अवसर पर तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि नवरात्रि में कन्या पूजन और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान भारतीय सनातन परंपरा का उदाहरण है। कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधायक पलटू राम और राम प्रताप वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।