पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अंदरूनी कलह के बीच पार्टी को बड़ा झटका लगा है। टीएमसी की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को भेजा। इस्तीफे में उन्होंने बताया कि वह प्रदेश अध्यक्ष पद, पार्टी के बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और चुनाव आयोग के सामने ममता बनर्जी की अधिकृत प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी छोड़ रही हैं।
चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब कोलकाता स्थित टीएमसी के राज्य कार्यालय को लेकर विवाद चल रहा है। विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने पार्टी कार्यालय पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद भवन के मालिक ने कार्यालय को अंदर से बंद कर दिया। टीएमसी से निष्कासित विधायक संदीपन साहा ने चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में काम करने का माहौल नहीं बचा है और लगातार नेता अपने पद छोड़ रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद समीक भट्टाचार्य ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अब बिखर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी सरकार के दौरान भ्रष्टाचार बढ़ा है और सरकारी योजनाओं का गलत इस्तेमाल हुआ है। उन्होंने कहा कि आज यह साफ हो गया है कि टीएमसी सही तरीके से काम नहीं कर पा रही है। फिलहाल टीएमसी में वफादार और बागी गुट के बीच पार्टी के संगठन और संपत्तियों को लेकर टकराव जारी है।