दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को पीतमपुरा स्थित सर्वोदय विद्यालय में स्थापित साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स (STEM) इनोवेशन लैब का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार आधुनिक तकनीक और इनोवेशन आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) केवल पढ़ाई के विषय नहीं हैं, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को सिर्फ किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रयोग आधारित शिक्षा, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता से लैस करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि STEM इनोवेशन लैब केवल एक प्रयोगशाला नहीं, बल्कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए नवाचार, वैज्ञानिक सोच और नई संभावनाओं के युग की शुरुआत है। इस लैब के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नए विचारों पर काम करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने का अवसर मिलेगा। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य सभी सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल तकनीक और इनोवेशन आधारित शिक्षण संसाधनों से सुसज्जित करना है, ताकि हर विद्यार्थी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सके।

उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में गुणवत्तापूर्ण और तकनीक-सक्षम शिक्षा की अहम भूमिका होगी। आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में वैज्ञानिक, इंजीनियर, इनोवेटर, स्टार्टअप उद्यमी और देश के भविष्य के निर्माता बनेंगे। इसलिए सरकार हर बच्चे को समान अवसर, आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेटर और दा वन ग्रुप के चेयरमैन शिखर धवन, एचएमडी इंडिया के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने शिखर धवन फाउंडेशन, एचएमडी इंडिया और दा वन ग्रुप का इस पहल में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। इस तरह के सहयोग से सरकारी विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण संसाधनों का विस्तार होगा और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार की साझेदारियां दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
