उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख वस्त्र और परिधान विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों को यूपी TEX-2026 से नई मजबूती मिली है। लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय आयोजन का बुधवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि रहे, जबकि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान भी मौजूद रहे।
समापन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान, लेटर ऑफ कम्फर्ट और वित्तीय प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए। आयोजन के दूसरे दिन स्पोर्ट्स टेक्सटाइल्स, स्पोर्ट्स गुड्स, प्रोटेक्टिव एवं डिफेंस टेक्सटाइल्स, हस्तशिल्प निर्यात और टेक्सटाइल पॉलिसी-2027 जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग के विकास की अपार संभावनाएं हैं। योगी सरकार के नेतृत्व में यह क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बाजार, संसाधन, सब्सिडी, प्रोत्साहन और सिंगल विंडो व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन प्रयासों से प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग के लिए बेहतर माहौल तैयार हो रहा है।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश तकनीकी वस्त्र और रक्षा वस्त्र उद्योग के लिए देश के प्रमुख गंतव्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से उद्योगों को पूंजीगत अनुदान, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, प्रशिक्षण सहायता और अनुसंधान एवं विकास (R&D) सहयोग जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
आयोजन में ‘गेम प्लान यूपी: भारत के स्पोर्ट्स टेक्सटाइल एवं स्पोर्ट्स गुड्स पावरहाउस का निर्माण’ विषय पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश की क्षमता और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भास्कर कालरा ने तकनीकी वस्त्रों को तेजी से बढ़ने वाला और उच्च मूल्य वाला क्षेत्र बताया।
विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तर प्रदेश को स्पोर्ट्स, प्रोटेक्टिव और डिफेंस टेक्सटाइल्स का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए विशेष क्लस्टर, आधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं, R&D केंद्र और मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत है। यूपी TEX-2026 के जरिए प्रदेश में टेक्सटाइल और परिधान उद्योग को निवेश, तकनीक और रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ इसे वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने पर भी जोर दिया गया।