चक्रवाती तूफान मुरासु का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु का बचा हुआ हिस्सा बुधवार को कमजोर होकर पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अवदाब (डिप्रेशन) में बदल गया है। अगले 12 घंटों में इसके और कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार सुबह 5:30 बजे तक यह सिस्टम पिछले छह घंटों में करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की ओर बढ़ा। इसका केंद्र पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास स्थित था। यह आंध्र प्रदेश के नंदीगामा से करीब 30 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और विजयवाड़ा से 80 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।
IMD ने बताया कि मौसम प्रणाली अगले 12 घंटों तक उत्तर दिशा में आगे बढ़ सकती है। इसके साथ ही इसकी ताकत और कम होने का अनुमान है। मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम के डॉप्लर वेदर रडार से तूफान की लगातार निगरानी की जा रही है।
इससे पहले मौसम विभाग के वैज्ञानिक एस. करुणा सागर ने बताया था कि चक्रवाती तूफान के तटीय क्षेत्र को पार करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बापटला, गुंटूर, कृष्णा, पलनाडु, एनटीआर, एलुरु और पश्चिम गोदावरी जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई थी। लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की अपील भी की गई थी।
चक्रवात के असर से रेलवे सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई थीं। रेलवे के मुताबिक, कुल 29 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, जिनमें 19 अप और 10 डाउन ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले IRCTC, RailOne, NTES या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 से ट्रेनों की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।