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मुख्यमंत्री योगी का सख्त आदेश, विकास कार्यों में खामी बर्दाश्त नहीं

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा मंडल में हो रहे विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में सीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इन कार्यों की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। निर्देश दिया कि ग्रामीण रास्तों पर भारी वाहनों के चलने पर तुरंत रोक लगाई जाए। इन सड़कों को क्षति पहंचाने वाले वाहनों के मालिकों से हर्जाना वसूला जाए। उन्होंने कहा कि आगरा अब एक मेट्रो शहर है, इसलिए यहां पानी, सड़क, सीवर और सौंदर्यीकरण जैसी मूलभूत सुविधाएं उसी स्तर की होनी चाहिए।

सड़क निर्माण में लापरवाही पर दर्ज होगी एफआईआर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन, अमृत योजना, सीवर लाइन या अन्य किसी भी प्रोजेक्ट के लिए सड़कों की खुदाई के बाद उसके पुनर्निर्माण कार्य पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित कार्यदायी संस्था के इंजीनियर और ठेकेदार की सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाए।

जनप्रतिनिधि तय करें अपनी प्राथमिकता, तुरंत जारी होगा फंड
बैठक में लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। आगरा मंडल के सभी जनप्रतिनिधियों से मिले प्रस्तावों को ‘ई-विश्वकर्मा-2.0’ पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। आगरा जनपद में सड़क निर्माण, सुदृढ़ीकरण, पुल और हेलीपैड निर्माण के लगभग 2791 करोड़ रुपये कुल 495 कार्यों की योजना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों और एमएलसी से कहा कि वे अपनी प्राथमिकताओं को जल्द तय करें। यदि प्रस्तावों में कोई संशोधन या सुझाव है, तो तुरंत बताएं ताकि तत्काल स्वीकृति प्रदान कर धनराशि जारी की जा सके और काम शुरू हो।

विकास की अड़चनें दूर करने के लिए बनेगा वरिष्ठ वकीलों का पैनल
आगरा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण, नए पुलों के निर्माण और सड़क चौड़ीकरण में पेड़ों की कटाई को लेकर एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी अड़चनों को सीएम ने काफी गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को किसी भी कीमत पर रुकने न दिया जाए। इन अड़चनों को दूर करने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं का एक पैनल बनाकर अदालतों में प्रभावी पैरवी की जाए। साथ ही, जहां सड़क निर्माण में पुराने पेड़ आ रहे हैं, उस जमीन को छोड़कर सड़क चौड़ीकरण का नया विकल्प तैयार किया जाए।

ग्रामीण सड़कों को तोड़ने वाले भारी वाहनों से वसूला जाएगा हर्जाना
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों की सड़कों से गुजरने वाले भारी ट्रकों और डंपरों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें भारी वाहनों के आवागमन के लिए नहीं बनाई जाती हैं। इन डंपरों के कारण सड़कें समय से पहले टूट जाती हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी असुविधा होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ऐसे भारी वाहनों के ग्रामीण रास्तों पर चलने पर तुरंत रोक लगाई जाए और जो वाहन सड़क को नुकसान पहुंचाएं, उन्हीं से सड़क मरम्मत की क्षतिपूर्ति भी वसूली जाए।

अवैध खनन और छुट्टा पशुओं पर लगेगी सख्त लगाम
पड़ोसी राज्यों (राजस्थान और मध्य प्रदेश) से होने वाले अवैध खनन और निराश्रित पशुओं की समस्या पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जाए और अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों के प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान निकाला जाए ताकि आगरा के किसानों की फसलों का कोई नुकसान न हो।

गोवर्धन परिक्रमा मार्ग और शहर को जाम से मुक्ति दिलाने पर जोर
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने शहर में भारी ट्रैफिक को कम करने के लिए दयालबाग से खंदौली बायपास, यमुना पर नया पुल, एत्मादपुर बाईपास और ग्वालियर रोड पर जलभराव की समस्या को प्रमुखता से रखा। सीएम ने इन सभी प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की खराब हालत पर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि नई और बेहतर तकनीक का उपयोग कर परिक्रमा मार्ग का निर्माण प्राथमिकता पर किया जाए, ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के पैरों में छाले न पड़ें।