New Delhi: संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को तालकटोरा स्टेडियम में ‘समरसता संकल्प अभियान एवं पावन माटी कलश वितरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संत रविदास जी को नमन करते हुए उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह, दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम समेत कई नेता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वाराणसी की पवित्र भूमि से शुरू हुई समरसता संकल्प यात्रा अब दिल्ली पहुंची है और आगे दिल्ली के सभी जिलों तक जाएगी। उन्होंने इस पहल के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विजन के अनुरूप शुरू किया गया यह अभियान संत रविदास जी की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि पावन माटी से भरे कलश की रज दिल्ली के हर घर और बस्ती तक पहुंचे, ताकि लोगों को संत रविदास जी के विचारों और उनके आशीर्वाद का संदेश मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह पवित्र रज केवल मिट्टी नहीं है, बल्कि संत रविदास जी के विचारों, उनके जीवनभर किए गए सामाजिक कार्यों और मानवता के लिए दिए गए मार्गदर्शन का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती का यह वर्ष उनके विचारों को आत्मसात करने और समाज में समानता, सम्मान तथा भाईचारे की भावना को और मजबूत करने का अवसर है।

रेखा गुप्ता ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाओं का मूल संदेश है कि समाज में कोई छोटा या बड़ा नहीं है और हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन्हीं मूल्यों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार भी इन्हीं मूल्यों को आधार बनाकर विकास कार्य कर रही है और समाज के हर वर्ग के लिए समान अवसर, सम्मान और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता और सम्मान की मजबूत भावना ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की नींव बनेगी। संत रविदास जी के विचार समाज को एकता, मानवता और भाईचारे के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
