असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य वर्ष 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। विधानसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि असम का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2021-22 में 4 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर अनुमानित 8.72 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था 13 से 15 प्रतिशत की प्रभावशाली वार्षिक वृद्धि दर से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तेज रफ्तार विकास के दम पर असम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं वित्त मंत्रालय ने 2 फरवरी को जानकारी दी थी कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच असम को कर हिस्सेदारी और केंद्र सरकार की अनुदान सहायता के रूप में 5.61 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत असम को 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया गया है।
केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला यह 50 वर्षों का ब्याज मुक्त ऋण राज्य में स्थायी बुनियादी ढांचे के निर्माण और बड़े स्तर पर परिसंपत्तियां विकसित करने के लिए दिया जा रहा है। वित्त मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2020-26 के दौरान 12 जनवरी 2026 तक असम को SASCI योजना के तहत 17,104 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
इसी बीच, असम सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा “द यूनिफॉर्म सिविल कोड, असम बिल 2026” भी पेश किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने सोमवार को यह विधेयक सदन में रखा। इस बिल पर 27 मई को चर्चा और पारित किए जाने की संभावना है।