New Delhi: दिल्ली के मधुबन चौक पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्काईवॉक और फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का निर्माण कार्य जारी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा आउटर रिंग रोड पर 9.62 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। परियोजना को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्काईवॉक-एफओबी के निर्माण से पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन, मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन और रोहिणी जिला न्यायालय के बीच सुरक्षित पैदल संपर्क उपलब्ध होगा। इससे मेट्रो यात्रियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों, न्यायालय आने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को इन प्रमुख स्थानों के बीच आवागमन में सुविधा मिलेगी।

सड़क से अलग स्तर पर सुरक्षित पैदल आवागमन
यह सुविधा सड़क से अलग स्तर पर पैदल आवागमन के लिए विकसित की जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद पैदल यात्रियों को व्यस्त आउटर रिंग रोड को सड़क के स्तर पर पार करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और वाहनों तथा पैदल चलने वालों के बीच टकराव की आशंका कम होगी।
मधुबन चौक पर समर्पित पैदल मार्ग उपलब्ध होने से यातायात के प्रवाह को बेहतर बनाने और जाम की समस्या कम करने में भी मदद मिलेगी। यह परियोजना ऐसे क्षेत्र में सुरक्षित और सुविधाजनक पैदल सुविधा उपलब्ध कराएगी, जहां फिलहाल सड़क से अलग स्तर पर पैदल पार करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
मेट्रो नेटवर्क से बेहतर होगा कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के शुरू होने के साथ यह स्काईवॉक-एफओबी मेट्रो नेटवर्क और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे यात्रियों को अंतिम छोर तक सुरक्षित और सुविधाजनक संपर्क उपलब्ध होगा।
मेट्रो स्टेशनों को सुरक्षित पैदल मार्ग से जोड़ने से सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे टिकाऊ और सार्वजनिक परिवहन आधारित आवागमन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

यातायात और पैदल सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुबन चौक की यह परियोजना सुरक्षित पैदल आवागमन, मेट्रो से बेहतर जुड़ाव और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के पूरा होने के बाद मेट्रो स्टेशनों और रोहिणी जिला न्यायालय के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा। साथ ही, आउटर रिंग रोड पर यातायात के सुचारु प्रवाह में भी मदद मिलेगी।
