बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की ओर से फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' की रिलीज और प्रचार पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। अभिनेता का आरोप है कि फिल्म उनकी पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) का उल्लंघन करती है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती है। यह मामला न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की अदालत में सुनवाई के लिए आया। सलमान खान की ओर से पेश अधिवक्ता निजाम पाशा ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट पहले भी अभिनेता के व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों को संरक्षण दे चुका है।
सलमान खान की ओर से कहा गया कि 29 मई को जारी फिल्म के एक पोस्टर में एक ऐसा किरदार दिखाया गया है, जिसकी शक्ल-सूरत अभिनेता से मिलती-जुलती है और उसने सलमान के प्रसिद्ध नीले रंग के ब्रेसलेट जैसी कंगन भी पहन रखी है। इससे दर्शक सीधे तौर पर अभिनेता को पहचान सकते हैं। याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म की कहानी 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित या उससे जुड़ी हुई प्रतीत होती है। सलमान खान का कहना है कि भले ही फिल्म में उनका नाम सीधे तौर पर न लिया गया हो, लेकिन पोस्टर, प्रचार सामग्री और फिल्म से जुड़े लोगों के सार्वजनिक बयानों से उनकी पहचान स्पष्ट रूप से सामने आती है।
याचिका में कहा गया है कि फिल्म निर्माता अमित जानी द्वारा दिए गए कुछ मीडिया इंटरव्यू, सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों में फिल्म को काला हिरण मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जोड़कर प्रचारित किया गया है। सलमान खान का आरोप है कि उनकी लोकप्रियता और पहचान का इस्तेमाल फिल्म को चर्चा में लाने के लिए किया जा रहा है। सलमान खान ने अदालत को बताया कि काला हिरण मामले से जुड़ी कुछ कानूनी कार्यवाहियां अभी भी उच्च अदालतों में लंबित हैं। ऐसे में इस विषय पर आधारित सामग्री का प्रसार न्यायिक प्रक्रिया और उनके निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को प्रभावित कर सकता है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म के एक पात्र को हथियार के साथ दिखाया गया है, जबकि शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में सलमान खान को पहले ही बरी किया जा चुका है। इससे दर्शकों के बीच गलत संदेश जा सकता है। सलमान खान के वकील ने अदालत को बताया कि फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार सुबह जारी कर दिया गया, जबकि पहले इसे 20 जून को जारी करने की बात कही गई थी। इसके बाद अभिनेता ने फिल्म की रिलीज और प्रचार सामग्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, निर्देशक भरत श्रीनाथ, अक्षय पांडे समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 जून को निर्धारित की है। तब तक कोर्ट यह तय करेगा कि फिल्म की रिलीज और उसके प्रचार-प्रसार पर अंतरिम रोक लगाने की जरूरत है या नहीं।