मशहूर सेलिब्रिटी शेफ के. दामोदरन, जिन्हें लोग शेफ दामू के नाम से जानते थे, का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने पाक कला और टेलीविजन की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई थी। टीवी शो ‘कुकू विद कोमाली’ में जज के रूप में उन्हें काफी लोकप्रियता मिली। उनके निधन से पाक कला जगत को बड़ा नुकसान हुआ है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शेफ दामू के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि शेफ दामू ने अपने हुनर और खास अंदाज से टेलीविजन के जरिए खाना बनाने की कला को आम लोगों तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा संदेश में उनके योगदान को याद करते हुए कहा गया कि उनका निधन पाक कला के क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है।
24 घंटे से ज्यादा खाना बनाकर बनाया था रिकॉर्ड
शेफ दामू ने दिसंबर 2010 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 24 घंटे, 30 मिनट और 12 सेकंड में कुल 617 व्यंजन तैयार किए थे, जिनका वजन करीब 190 किलोग्राम था। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य चुनौतीपूर्ण कुकिंग रिकॉर्ड भी बनाए। इनमें मदुरै में 14.7 मीटर लंबा डोसा बनाना और सिंगापुर में दुनिया की सबसे बड़ी करी तैयार करना शामिल था।
‘कुकू विद कोमाली’ से घर-घर में हुए मशहूर
शेफ दामू को विजय टीवी के लोकप्रिय कुकिंग शो ‘कुकू विद कोमाली’ में जज के रूप में खास पहचान मिली। इस शो में खाना बनाने की चुनौतियों के साथ कॉमेडी भी देखने को मिलती थी। अपने सहज व्यवहार, हल्के-फुल्के हास्य और प्रतियोगियों को आसान भाषा में खाना बनाने की तकनीक समझाने के अंदाज के कारण वह दर्शकों के पसंदीदा बन गए थे।
वह शो के शुरुआती सीजन से ही इससे जुड़े रहे। टेलीविजन के अलावा उन्होंने तमिल फिल्मों में भी काम किया और पाक कला के क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखा।
होटल मैनेजमेंट से शुरू हुआ था सफर
शेफ दामू का जन्म 1954 में हुआ था। उन्होंने चेन्नई के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट से पढ़ाई की। इसके बाद तमिलनाडु पर्यटन विकास निगम में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने पाक कला की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली।
2025 में मिला था पद्मश्री सम्मान
शेफ दामू को जनवरी 2025 में पाक कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इस सम्मान के जरिए खाना बनाने की कला को आम लोगों तक पहुंचाने और खाद्य उद्योग से जुड़े लोगों को प्रेरित करने में उनके योगदान को मान्यता मिली थी। शेफ दामू अपने रिकॉर्ड, टेलीविजन कार्यक्रमों और पाक कला के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।