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PPSC परीक्षा विवाद: प्रयागराज में छात्रों ने आधी रात को कैंडल मार्च निकाला

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के ‘पीसीएस प्री’ और ‘आरओ एआरओ’ की परीक्षा दो दिन में कराने के फैसले के विरोध में अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। देर रात छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला।

अभ्यर्थी एक दिन, एक शिफ्ट में परीक्षा कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन कर रही छात्रा ज्योति सिंह ने कहा, "हम लोग यूपीपीसीएस की तैयारी कर रहे थे। तो दो शिफ्ट में ये पेपर होने वाला था तो इसकी का विरोध कर रहे हैं और इसी विरोध की वजह से हम लोग मेंटली बहुत ज्यादा डिस्टर्ब हो गए हैं। हमारे घर से भी बहुत प्रेशर हो रहा है क्योंकि हमें पढ़ने के लिए भेजा है यहां पर। तो हमें प्रेशर दोनों तरफ से घर से भी है और आयोग की तरफ से भी है।"

इस मामले पर प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार मंदर ने कहा, "पहले कई दौर की वार्ता करने के बाद हमने आज फिर इन लोगों से वार्ता करने का प्रयास किया। मैंने पुलिस आयुक्त के साथ यहां प्रदर्शनकारी छात्रों से बात करने की कोशिश की। हमने उनसे एक प्रतिनिधिमंडल बनाने के लिए कहा और हम उन्हें आयोग के प्रतिनिधिमंडल से बात कराएंगे ताकि हम हम कोई समाधान निकाल सकते हैं। लगातार कोशिशों के बाद भी छात्र हमसे सहमत होने के लिए तैयार नहीं थे। हमने उनसे बात करने का आग्रह किया है।"

मंगलवार को लोक सेवा आयोग ने बयान जारी कर कहा था, "समय-समय पर प्रतियोगी छात्रों के आग्रह पर बदलते समय की जरूरतों को देखते हुए व्यवस्था/परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाता रहा है। अभ्यर्थियों की सुविधा के मद्देनजर पीसीएस की मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय हटाने का अभूतपूर्व निर्णय किया गया। इसी तरह से अभ्यर्थियों के लंबे समय से ‘स्केलिंग’ हटाने की मांग पूरी की गई।"

उप्र लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था, ‘‘आयोग का दिशानिर्देश है कि सरकारी शिक्षण संस्थान को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए और केंद्र मुख्यालय से 10 किलोमीटर के दायरे में हो। इससे पूर्व जब पेपर लीक हुआ था तो इन्हीं छात्रों ने मांग उठाई थी कि निजी संस्थानों को परीक्षा केंद्र ना बनाया जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब सरकार ने छात्रों की मांग पर विचार करते हुए दिशानिर्देश बनाया तो अब ये छात्र विरोध कर रहे हैं। पीसीएस परीक्षा के लिए 5,76,000 परीक्षार्थियों का पंजीकरण है, जबकि सभी 75 जिलों में 4,35,000 परीक्षार्थियों के लिए ही सेंटर मिल पा रहे हैं। ऐसे में दो दिन परीक्षा कराना मजबूरी है।’’

लोक सेवा आयोग के गेट के सामने धरने पर बैठे छात्रों के हाथों में अलग अलग नारे लिखी तख्तियां थीं, जिसमें किसी में ‘बटेंगे नहीं, हटेंगे नहीं, न्याय मिलने तक एक रहेंगे’ तो किसी में लिखा था, ‘एक दिन, एक परीक्षा’। आयोग ने 'पीसीएस प्री’ की परीक्षा सात और आठ दिसंबर को कराने का ऐलान किया है। वहीं समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ..एआरओ) प्री की परीक्षा के लिए 22 और 23 दिसंबर की तारीफ तय की गई है।