दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए आज एक बड़ी राहत देने वाली योजना की शुरुआत होने जा रही है। राजधानी में अटल कैंटीन योजना के तहत एक साथ 100 जगहों पर कैंटीन खोली जाएंगी। इस योजना की औपचारिक शुरुआत नेहरू नगर से होगी, जहां पहली अटल कैंटीन आम जनता के लिए खोली जाएगी। इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोग बहुत कम दाम में भरपेट और पौष्टिक भोजन पा सकें।
अटल कैंटीन योजना के तहत सिर्फ 5 रुपये में गरमागरम थाली उपलब्ध कराई जाएगी। इस थाली में चावल,दाल,सब्जी और रोटी शामिल होंगी। सरकार का कहना है कि हर कैंटीन में खाना ताजा, साफ-सुथरा और पौष्टिक होगा, ताकि गरीब तबके के लोगों को भी अच्छी गुणवत्ता का भोजन मिल सके। यह योजना खास तौर पर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाई गई है, ताकि उन्हें सम्मान के साथ सस्ता और अच्छा खाना मिल सके।
इस योजना की घोषणा मार्च 2025 में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने पहले बजट भाषण के दौरान की थी। सरकार ने 100 अटल कैंटीन खोलने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। हर अटल कैंटीन की क्षमता रोजाना करीब 1000 लोगों को भोजन परोसने की होगी। इस तरह रोजाना हजारों जरूरतमंद लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
अटल कैंटीन मुख्य रूप से झुग्गी बस्तियों, निर्माण स्थलों और गरीब और निम्न आय वर्ग वाले इलाकों के आसपास खोली जाएंगी। दिल्ली में लगभग 700 झुग्गी क्लस्टर हैं, जहां बड़ी संख्या में मजदूर और गरीब परिवार रहते हैं। सरकार का मानना है कि इन इलाकों के पास कैंटीन खुलने से लोगों को सस्ते खाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उनकी रोजमर्रा की परेशानी कम होगी।
अटल कैंटीन योजना को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के सम्मान में शुरू किया जा रहा है। यह योजना सिर्फ खाना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गरीबों को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देना भी है। सरकार का मानना है कि अगर यह योजना सफल रहती है, तो यह दिल्ली में भूख और कुपोषण से निपटने की दिशा में एक मजबूत और स्थायी कदम साबित हो सकती है। कुल मिलाकर, अटल कैंटीन योजना दिल्ली के जरूरतमंद लोगों के लिए सस्ती, सम्मानजनक और भरोसेमंद भोजन व्यवस्था की ओर एक बड़ा प्रयास मानी जा रही है।