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सद्गुरु जग्गी वासुदेव की ब्रेन सर्जरी कामयाब, हालत में तेजी से सुधार

New Delhi: आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव की 17 मार्च को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में ब्रेन सर्जरी हुई थी। सर्जरी के बाद उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है।
ईशा फाउंडेशन की ओर से जारी की गई रिलीज में बताया गया कि सद्गुरु को पिछले चार हफ्ते से सिरदर्द की शिकायत थी। फिर भी वो लगातार काम करते रहे। आठ मार्च को उन्होंने महाशिवरात्रि के कार्यक्रम और दूसरी बैठकों में हिस्सा लिया।

अपोलो दिल्ली के न्यूरो सर्जन डॉ. विनीत सूरी ने हेल्थ बुलेटिन में बताया कि जिस तरह का सूजन और ब्लड क्लॉटिंग सद्गुरु के ब्रेन में थी, वो जानलेवा साबित हो सकती थी। हालांकि, 17 मार्च को ऑपरेशन के बाद उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। डॉ. विनीत सूरी के मुताबिक सर्जरी से पहले 15 मार्च को एमआरआई से पता चला कि उनके दिमाग में भारी ब्लिडिंग हो रही है। इसके बाद भी उन्होंने पेन किलर लेकर कई कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

17 मार्च की सुबह उनकी तकलीफ काफी बढ़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां पता चला कि उनके दिमाग में जानलेवा सूजन है। तीन से चार हफ्ते की पुरानी ब्लिडिंग के साथ पिछले 24 से 48 घंटों में उनके ब्रेन में ताजा ब्लिडिंग हुई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने उसी दिन उनके ब्रेन की सर्जरी की। डॉ. सूरी के मुताबिक सर्जरी के बाद उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। अब उन्हें वेंटिलेटर से हटा लिया गया है और उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है।

66 साल के सद्गुरु ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 'सेव सॉइल' और 'रैली फॉर रिवर्स' जैसे अभियान शुरू किए हैं। बुधवार को सद्गुरु ने अस्पताल से मजाकिया अंदाज में एक वीडियो भी जारी किया। इसमें वो कह रहे हैं, "अपोलो अस्पताल के न्यूरो सर्जनों ने मेरे सिर को काटा और कुछ खोजने की कोशिश की लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला, दिमाग एकदम खाली था। इसलिए, उन्होंने हार मान ली और इसे जोड़ दिया। यहां मैं दिल्ली में पैच वाले सिर के साथ हूं, लेकिन ब्रेन ठीक है।"