Breaking News

सही दिशा नहीं मिली तो बोझ बन जाएंगे युवा: मोहन भागवत     |   ग्रामीण स्कूलों के सोशल ऑडिट की आज से देशव्यापी शुरुआत     |   80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं     |   स्वतंत्रता दिवस पर अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत को बधाई     |   स्वतंत्रता दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने दी शुभकामनाएं, वीर शहीदों को किया नमन     |  

स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहना लाल साफा

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने विशिष्ट अंदाज में देशवासियों को संबोधित किया। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित दौरान प्रधानमंत्री पारंपरिक शैली का लाल साफा पहने नजर आए।

मोदी ने सफेद कुर्ते और चॉकलेट भूरे रंग के वास्कट के साथ राजस्थानी और गुजराती संस्कृति में प्रचलित इस पारंपरिक पगड़ी को पहना हुआ था। उन्होंने केसरिया, हरे और सफेद रंग के तीन पॉकेट स्क्वायर भी लगाए हुए थे। स्वतंत्रता दिवस पर मोदी की खास पगड़ी अब इस समारोह की एक अलग पहचान बन चुकी है।

पिछले साल उन्होंने चटख रंगों वाली राजस्थानी लहरिया पगड़ी पहनी थी, जिसमें नारंगी, पीले और हरे रंग की लहराती छटाएं थीं। यह पगड़ी एक ओर परंपरा की झलक देती थी तो दूसरी ओर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक थी। वहीं, 2023 में उन्होंने पीले, हरे और लाल रंगों वाली बांधनी प्रिंट की पगड़ी चुनी थी, जिसे उन्होंने काले रंग की ‘वी-नेक जैकेट’ के साथ पहना था।

उससे पहले 2022 में वह लाल बूटेदार केसरिया पगड़ी में नजर आए थे। इसके साथ उन्होंने नीली जैकेट और स्टोल पहना था। 2021 में उन्होंने क्रीम और केसरिया रंग की पगड़ी पहनी थी, जो उनके आधी आस्तीन वाले कुर्ते के साथ खूब जंच रही थी। वहीं, 2020 में कोविड-19 महामारी के बीच उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से भगवा किनारी वाला सफेद गमछा चेहरे पर बांधा था।

प्रधानमंत्री के रूप में 2014 में उनके पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह की पहचान चटख लाल रंग का जोधपुरी साफा बना था। इसके बाद के वर्षों में उनकी पगड़ियों में रंगों की अद्भुत विविधता देखने को मिली-2015 में पीले और बहुरंगी आड़ी-तिरछी धारियों वाली पगड़ी, 2016 में गुलाबी-पीले रंग की पगड़ी और 2017 में चटख लाल-पीले रंग की पगड़ी। इसके बाद, 2018 में केसरिया रंग के साफे से उन्होंने अपनी विशिष्ट और प्रभावशाली छाप छोड़ी।