दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को और ज्यादा स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में बुधवार को बड़ा कदम उठाया गया। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के इलेक्ट्रिक बस बेड़े की संख्या 5,000 के पार पहुंच गई है।
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली-करनाल अंतरराज्यीय ई-बस सेवा, महिलाओं के लिए लेडीज स्पेशल बस सेवा और डीटीसी के राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया गया। सरकार के मुताबिक, इन पहलों का उद्देश्य दिल्ली में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के साथ सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।

नई 200 इलेक्ट्रिक बसों में 88 बसें 12 मीटर और 112 बसें 9 मीटर लंबी हैं। सभी बसें लो-फ्लोर और एयर कंडीशंड हैं। इनके शामिल होने के साथ दिल्ली ने देश में सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस बेड़े वाले शहर के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत की है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028-29 तक बसों की संख्या करीब 14,000 तक पहुंचाना है। इसके तहत डीटीसी की बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों में बदला जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2026 में फरवरी में 500, मार्च में 300, अप्रैल में 200 और जुलाई में 300 नई ई-बसें शामिल की गईं। अब 200 और बसों के जुड़ने के बाद दिल्ली में 5,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जबकि कुल बस बेड़ा करीब 6,800 तक पहुंच गया है।कार्यक्रम में दिल्ली-करनाल अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की भी शुरुआत की गई। इस रूट पर पांच इलेक्ट्रिक और एयर कंडीशंड बसें चलेंगी। दोनों दिशाओं में रोजाना कुल 10-10 यात्राएं निर्धारित की गई हैं।
कश्मीरी गेट से करनाल तक किराया करीब 212 रुपये रखा गया है। बसें सिंघु बॉर्डर, राय, बहालगढ़, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और मधुबन जैसे प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेंगी। इस सेवा से दिल्ली और हरियाणा के बीच स्वच्छ और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में 56 समर्पित लेडीज स्पेशल ई-बस सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें 15 हाई-डिमांड रूट पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप और 13 रूट पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल ट्रिप शामिल हैं। ये बसें सुबह और शाम के व्यस्त समय में संचालित होंगी। इनसे नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल सेवाओं के जरिए हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलतराम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, एलएसआर, गार्गी कॉलेज, एआरएसडी और हंसराज कॉलेज समेत दिल्ली विश्वविद्यालय के कई प्रमुख कॉलेजों तक छात्राओं को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए इन बसों में महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड कर्मियों की तैनाती की गई है। बसों का संचालन महिला स्टाफ द्वारा किया जाएगा। इन बसों में लगे पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस के 112 पीसीआर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ा गया है। किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाने पर अलर्ट सीधे 112 सिस्टम तक पहुंच सकेगा, जिससे तत्काल मदद उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
डीटीसी के राजघाट डिपो-1 में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किया गया है। यहां 240 किलोवाट क्षमता के चार ईवी चार्जर लगाए गए हैं। इनसे इलेक्ट्रिक बसों के साथ भारी वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रिक कारों को भी चार्ज किया जा सकेगा। चार्जिंग स्टेशन को 1600 केवीए क्षमता वाले कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन के साथ विकसित किया गया है, जिससे चार्जिंग के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, ग्रीन मोबिलिटी और मजबूत सार्वजनिक परिवहन विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि 200 नई इलेक्ट्रिक बसों और राजघाट डिपो में ईवी चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत दिल्ली को स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसा सार्वजनिक परिवहन तंत्र तैयार करने पर काम कर रही है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, अंतरराज्यीय ई-बस सेवा, महिलाओं के लिए विशेष बसें और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं के लिए शुरू की गई लेडीज स्पेशल बस सेवा सुरक्षित और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक दिल्ली के बस बेड़े को करीब 14,000 तक बढ़ाना है।परिवहन मंत्री ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों से डीटीसी की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है और इस वर्ष डीटीसी को मुनाफे में लाने में सफलता मिली है। दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से न सिर्फ सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होगी, बल्कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। सरकार इसे स्वच्छ, हरित और विकसित दिल्ली की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देख रही है।