Breaking News

भारत में महंगी हुई कैन वाली 'डाइट कोक', 10 फीसदी से अधिक बढ़े दाम     |   ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, नहीं तो जारी रहेगा आंदोलन’, अभिजीत दिपके ने कहा     |   दिल्ली: सरकार और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मीटिंग जारी     |   जेपी नड्डा संग बातचीत के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचा सीजेपी प्रतिनिधिमंडल     |   धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर हंगामे के बीच लोकसभा सोमवार तक स्थगित     |  

पेपर लीक पर दिल्ली HC का बड़ा फैसला, फास्ट ट्रैक कोर्ट का हुआ गठन

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक और परीक्षा में नकल से जुड़े आपराधिक मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई है। हाईकोर्ट ने जस्टिस अनु ग्रोवर बलिगा को सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट का स्पेशल जज नियुक्त किया है। यह कोर्ट राऊज एवेन्यू कोर्ट परिसर से काम करेगी।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों की तुलना में तेजी से की जाती है, ताकि जल्द फैसला सुनाया जा सके। आमतौर पर यौन अपराध और पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए भी विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई जाती हैं। साल 2024 में पेपर लीक और परीक्षा में नकल को रोकने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 बनाया गया था। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक के मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि देश के युवाओं का कल्याण और उनका भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तीन दिन पहले CJP के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 'संसद चलो' मार्च निकाला था।

पीएम मोदी ने कहा, "हमारे युवाओं के कल्याण और उनके भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है।