Myanmar: सहायता कर्मियों ने बताया कि म्यांमार की सेना ने रखाइन राज्य के म्राउक-यू में एक अस्पताल पर हवाई हमला किया, जिसमें 30 से ज्यादा लोग मारे गए। यह हमला 28 दिसंबर से शुरू होने वाले चुनावों से पहले जुंटा के बढ़ते हवाई ऑपरेशन्स का हिस्सा है, जिसके बारे में सेना का दावा है कि इससे संघर्ष खत्म होगा, लेकिन विद्रोही इसे रोकने की कसम खा रहे हैं।
हमले के बाद अस्पताल पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गया और बाहर शव पड़े मिले। रखाइन राज्य पर की पूरी तरह से अराकान आर्मी (एए) का कंट्रोल है, जो एक पुराना जातीय सशस्त्र समूह है और 2021 के तख्तापलट के बाद से जुंटा के सबसे मजबूत विरोधियों में से एक बन गया है।
एए अब रखाइन की ज्यादातर टाउनशिप पर कब्जा कर चुका है, लेकिन उसका ध्यान अपने गृह क्षेत्र पर ही है। उस पर मुस्लिम रोहिंग्या जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ दुर्व्यवहार के आरोप भी लगे हैं। जुंटा की रखाइन की नाकेबंदी ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने बढ़ती भूख और कुपोषण की चेतावनी दी है।
जबकि संयुक्त राष्ट्र और अन्य निगरानी संस्थाएं सेना द्वारा कराए जा रहे चुनाव की निंदा कर रही हैं, चीन ने इसका समर्थन करते हुए इसे स्थिरता की दिशा में एक कदम बताया है।