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34 लाख के छात्रवृति घोटाले में मदरसा प्रिंसिपल गिरफ्तार, 5 साल की विवेचना के बाद EOW ने की कार्रवाई

मेरठ ईओडब्ल्यू ने 34 लाख के छात्रवृति घोटाले में परीक्षितगढ़ के मदरसा जियाउल कुरान के प्रधानाचार्य शफीक उल हसन निवासी रुकनपुर भावनपुर को गिरफ्तार कर लिया। शफीक के खिलाफ 7 लाख 66 हजार आठ सौ रुपए की धोखाधड़ी और भ्रष्ट्राचार के मामले में में 2019 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ईओडब्ल्यू मामले की जांच कर रही थी।

आपको बता दे आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की मेरठ यूनिट के अधिकारियों के मुताबिक शफीक उल हसन ने मदरसा जियाउल कुरान के प्रधानाचार्य पद पर रहते हुए छात्रों की छात्रवृति की रकम का गलत इस्तेमाल किया। जिसके बाद शफीक उल हसन के खिलाफ 2019 में धोखाधड़ी, गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया।

जहां पांच साल तक चली विवेचना के बाद ईओडब्ल्यू ने शफीक उल हसन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इससे पहले ईओडब्ल्यू खुशबू पब्लिक स्कूल जाकिर कालोनी के प्रबंधक सलीम उर्फ सलीमुद्दीन पुत्र हनीफ निवासी झूले वाली गली जाकिर कालोनी लोहियानगर को गिरफ्तार कर चुकी है। उसके खिलाफ 3.81 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

इसके अलावा मदरसा न्यू डीएम पब्लिक जूनियर हाईस्कूल की कोषाध्यक्ष अजरा और चार मदरसों सिवाल हाईस्कूल, न्यू सिवाल इंटर कॉलेज, सिवाल मकतब, सिवाल फकोनिया के प्रबंधक मुश्ताक अहमद को भी जेल भेजा जा चुका है।

ईओडब्लू की टीम ने घोटाले में 250 लोगों को आरोपी बनाया था। इस मामले में तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम के तत्कालीन पटल सहायक संजय त्यागी को भी जेल भेजा जा चुका है। इस घोटाले में बागपत अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम काे सस्पेंड किया गया था। हाल में वह सहारनपुर में तैनात हैं। उनकी गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे है।