Breaking News

सीतामढ़ी में कुख्यात अपराधी राकेश यादव के भाई को अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली, मौत     |   ठाणे: मेट्रो निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरा 26 टन वजन वाला कंटेनर, टला बड़ा हादसा     |   ग्रेटर नोएडा: एल्डिगो सोसाइटी में वाटर टैंक सफाई के दौरान 2 की दम घुटने से मौत     |   जम्मू-कश्मीर के दरहाली अट्टी इलाके में अचानक आई बाढ़, घरों और खेतों में घुसा पानी     |   दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन फिर खुले, यात्रियों के लिए बड़ी राहत     |  

मेरठ: एक वकील ने मुस्कान का फ्री में केस लड़ने की पेशकश की, कहा- गारंटी से फांसी नहीं होने दूंगा

मेरठ के सौरव हत्याकांड पर जहां पूरे देश में मुस्कान और साहिल के खिलाफ गुस्से का माहौल है और उनके परिजनों ने भी उनसे दूरी बना ली है। मुस्कान के माता-पिता ने तो उससे मिलने तक के लिए मना कर दिया है और यह तक कहा है कि अगर वह छूट कर आ भी जाती है तो वह उसको अपने घर में नहीं आने देंगे। वहीं मेरठ की कचहरी में प्रेक्टिस करने वाले वकील मोहम्मद इकबाल ने मुस्कान का केस फ्री में लड़ने की पेशकश की है और साथ ही उन्होंने कहा है कि वह गारंटी देते हैं की मुस्कान को फांसी नहीं होने देंगे। 

हालांकि उन्होंने मुस्कान के बारे में ही यह बात कही है साहिल के लिए उन्होंने कोई बात नहीं कही। मोहम्मद इकबाल क्रिमिनल वकील है और उनका कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस के पास कोई भी आई विटनेस और डायरेक्ट सबूत नहीं है और अदालत भी महिला और बच्चों को सजा देने में रहम करती है इसलिए उनका दावा है कि उनकी गारंटी है कि वह मुस्कान को फांसी नहीं होने देंगे।

मीडिया से बात करते हुए इकबाल एडवोकेट का कहना है कि वह मुस्कान का केस लड़ना चाहते हैं इसके लिए मुस्कान को उसके वकालत नामे पर हस्ताक्षर करने होंगे। इकबाल एडवोकेट का दावा है की फांसी की सजा के लिए धारा 299 का होना जरूरी है जिसमें डायरेक्ट एविडेंस हो। मुस्कान ने अभी तक पुलिस के सामने कबूल किया है पुलिस का जो स्टेटमेंट है वो अदालत में नहीं माना जाता इसलिए वह पढ़ा नहीं जाएगा जो कबूल किया है। पुलिस कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। मैं फ्री में इसलिए लड़ना चाहता हूं क्योंकि भारतीय संविधान में यह प्रावधान है कि किसी को भी अपने बचाव का पूरा मौका मिलना चाहिए अगर उसे मौका नहीं दिया तो उसके साथ नाइंसाफी होगी। वहीं एडवोकेट का कहना है कि इस मामले में ज्यादा से ज्यादा आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।