Gold Silver Price: राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को चांदी की कीमतों में 10,975 रुपये का उछाल आया और यह 2.79 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की ऊंचाई पर पहुंच गई। वहीं, सोने की कीमत में 400 रुपये की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी मज़बूत वैश्विक रुझानों के चलते हुई, क्योंकि डॉलर की कमजोरी ने इस 'सुरक्षित निवेश' वाली परिसंपत्ति की मांग को बढ़ा दिया।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद चांदी की कीमत में 10,975 रुपये, या 4.09 प्रतिशत का ज़बरदस्त उछाल आया। सोमवार के बंद स्तर 2,68,300 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले मंगलवार को यह बढ़कर 2,79,275 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई।
सोने की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 400 रुपये, या 0.24 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1,64,700 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया। पिछले सत्र में, सोने की कीमत 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक, गौरव गर्ग ने बताया कि मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेज़ी देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह भू-राजनीतिक घटनाक्रम रहे, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संभावित समाधान की ओर इशारा किया है। इस संघर्ष के चलते निवेशक काफी समय से असमंजस की स्थिति में थे।
उन्होंने कहा कि इस उथल-पुथल ने बाज़ार में अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण महंगाई का डर सता रहा है, जिसका असर निवेशकों की भावनाओं पर पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर चांदी की कीमत में 1.38 डॉलर, या 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 88.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, सोना लगभग एक प्रतिशत की तेज़ी के साथ 5,172.86 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में सुधार देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में आई नरमी ने इन कीमती धातुओं को राहत प्रदान की।’’ गांधी ने कहा कि पिछले सत्र में 15 सप्ताह के उच्चतम स्तर को छूने के बाद डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई, जबकि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल भी थोड़ा कम हुआ, जिससे सर्राफा कीमतों को उबरने का मौका मिला।
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी जिंस शोध कायनात चैनवाला ने कहा कि चांदी की कीमतों में बढ़त हुई और यह लगभग 90 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करने लगी। ऐसा तब हुआ जब ट्रंप ने संकेत दिया कि खाड़ी क्षेत्र का संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है, जिससे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं कम हुईं।
शुरुआत में डॉलर तब मज़बूत हुआ था जब कच्चे तेल की कीमतें कुछ समय के लिए बढ़कर 119 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं। हालांकि, सत्र के बाद के हिस्से में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट ने कीमती धातुओं को उनके पिछले निचले स्तर से उबरने में मदद की।
चैनवाला ने कहा, ‘‘सोने को केंद्रीय बैंकों की लगातार बनी हुई मांग से भी समर्थन मिला। पीपल्स बैंक ऑफ़ चाइना ने फ़रवरी में लगातार 16वें महीने अपने सोने के भंडार की खरीद जारी रखी।’’