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अग्निवीरों को मिलेगा 2 साल और सेना में सेवा का मौका, कैबिनेट ने ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को दो साल और सेना में सेवा करने का अवसर देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी दी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

राजनाथ सिंह ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से अग्निवीरों को शुरुआती सेवा अवधि पूरी होने के बाद भी सशस्त्र बलों से जुड़े रहने का एक और अवसर मिलेगा। इसके तहत निर्धारित चार या छह साल की सेवा पूरी करने वाले इच्छुक अग्निवीरों को चयन प्रक्रिया के मानकों पर खरा उतरने पर नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का मौका भी मिलेगा।

75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगा अतिरिक्त सेवा का अवसर

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि पहले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल करने का प्रावधान था, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को चार साल की सेवा के बाद बाहर होना पड़ता था।

नई व्यवस्था के तहत बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद इच्छुक अग्निवीर निर्धारित चयन मानकों को पूरा करने पर सशस्त्र बलों में भर्ती हो सकेंगे।

सेना को युवा और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर जोर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह फैसला भारतीय सशस्त्र बलों में लंबे समय से चल रहे सुधारों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सेना को अधिक युवा, फिट और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि बदलती युद्ध परिस्थितियों और सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया जा सके। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना केवल भर्ती की नीति नहीं है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के हिसाब से भारतीय सेना को तैयार करने की दिशा में एक कदम है।

2022 में शुरू हुई थी अग्निपथ योजना

केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल की शुरुआती सेवा अवधि के लिए की जाती है। योजना का उद्देश्य युवाओं को देश की सेवा का अवसर देने के साथ सशस्त्र बलों को युवा और गतिशील बनाना था।

हालांकि, चार साल की सीमित सेवा अवधि और इसके बाद रोजगार की संभावनाओं को लेकर योजना की आलोचना भी हुई थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं में आरक्षण या रोजगार के अवसर देने की घोषणाएं की थीं।

कैबिनेट के इस नए फैसले से अग्निवीरों को सेना में सेवा जारी रखने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों को पूरा करना जरूरी होगा।