Tamil Nadu: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक निजी खाद्य प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि 68 लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने बुधवार को एक बुलेटिन में ये जानकारी दी।
ये औद्योगिक हादसा 21 जून को पेरियापालयम के पास कनिगईपायर और मंजांगरानाई इलाके में रूटीन कामकाज के दौरान हुआ। मरने वालों में आठ महिलाएं ओडिशा और दो असम की थीं। घटना के दिन दो लोगों की मौत हुई, इसके बाद 22 जून को छह लोगों की और 23 एवं 24 जून को एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।
मंगलवार को पांच पीड़ितों के शव एयरलिफ्ट करके ओडिशा भेजे गए और बाकी पांच के शव सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भेजे जाएंगे। गैस रिसाव से कुल 83 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 68 का अभी चार अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
इनमें ज्यादातर प्रवासी मजदूर हैं- ओडिशा से 33, असम से 16, झारखंड से नौ, केरल से तीन, पश्चिम बंगाल से एक और तमिलनाडु से छह। अस्पताल में भर्ती लोगों में 65 महिलाएं और तीन पुरुष हैं। पांच लोगों को छुट्टी दे दी गई है।
प्रभावित लोगों में मुख्य रूप से अमोनिया सांस के जरिए अंदर जाने के लक्षण दिखे, जैसे सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सीने में बेचैनी, आंखों में जलन और सांस लेने में अलग-अलग स्तर की परेशानी। अस्पताल में भर्ती लोगों में से 17 वेंटिलेटर पर हैं, 21 को नाक के जरिए ऑक्सीजन दी जा रही है, और 30 की हालत स्थिर बताई गई है।
मरीजों का इलाज वेल्स हॉस्पिटल, वेंकटेश्वर हॉस्पिटल, राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल और स्टेनली हॉस्पिटल में किया जा रहा है। घटना को संभालने और मेडिकल मदद पहुंचाने के लिए इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स टीमें, पुलिसकर्मी, फायर और रेस्क्यू सर्विस और जिला प्रशासन के अधिकारी तैनात किए गए थे।
अधिकारियों ने लीक की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि वह जिला अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। सरकार ने प्रभावित मजदूरों में बाद में सांस से जुड़ी दिक्कतों का पता लगाने के लिए लगातार निगरानी, प्रभावित जगह की एनवायरनमेंटल मॉनिटरिंग और जिले में ऐसी ही दूसरी सुविधाओं के ऑक्यूपेशनल हेल्थ और सेफ्टी ऑडिट की सिफारिश की है।