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लोकसभा में आज अमित शाह पेश करेंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, राहुल गांधी उठाएंगे पेपर लीक का मुद्दा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को लोकसभा में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। दिन के संशोधित कार्यसूची के अनुसार यह विधेयक सदन में लाया जाएगा। लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर आगे की चर्चा भी जारी रहेगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस विधेयक को विचार के लिए पेश करने और इसके बाद पारित कराने का प्रस्ताव रखेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और अनुचित साधनों पर रोक लगाना है।

वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज दोपहर करीब 12:30 बजे विशेष रूप से "एंटी-पेपर लीक" विधेयक पर सदन को संबोधित कर सकते हैं। विपक्ष हालिया परीक्षा अनियमितताओं से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना करता रहा है और चर्चा के दौरान कई मुद्दे उठा सकता है। इसके अलावा, सरकार सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को विचार और पारित करने के लिए पेश करेगी। इसे केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे। इसी दौरान विपक्षी सांसदों की ओर से एक वैधानिक प्रस्ताव भी लाया गया है, जिसमें मई 2026 में राष्ट्रपति द्वारा जारी सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश पर असहमति जताई गई है। इस प्रस्ताव को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सौगत राय, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) के एनके प्रेमचंद्रन और कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने पेश किया है।

कई केंद्रीय मंत्री, जिनमें जितेंद्र सिंह, वाणिज्य राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी शामिल हैं, अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे। इनमें पृथ्वी विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी और संचार मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।सदन में भाजपा सांसद पीपी चौधरी और समाजवादी पार्टी (SP) के धर्मेंद्र यादव की ओर से एक प्रस्ताव भी लाया जाएगा। इसमें संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश करने के लिए समय सीमा बढ़ाकर 2026 के शीतकालीन सत्र तक करने की मांग की गई है।

इसके अतिरिक्त, विभिन्न स्थायी समितियों की सिफारिशों के क्रियान्वयन से जुड़े बयान भी केंद्रीय मंत्रियों द्वारा दिए जाएंगे। इनमें फेक न्यूज, चीनी उद्योग की समीक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अनुदान से संबंधित समितियों की सिफारिशें शामिल हैं। संसद के कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन और कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे सहित अन्य मंत्री ये बयान पेश करेंगे।