रांची, 22 मई (भाषा) अनिमेष कुजुर ने शुक्रवार को यहां राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता के पहले दिन नाटकीय घटनाक्रम के बीच पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड फिर से हासिल कर लिया।
पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में कुछ ही मिनटों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड दो बार टूटा। पहली सेमीफाइनल हीट में गुरिंदरवीर सिंह ने अनिमेष के 10 महीने पुराने 10.18 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 10.17 सेकंड का समय निकाला। लेकिन यह रिकॉर्ड कुछ ही मिनट टिक पाया क्योंकि दूसरी सेमीफाइनल हीट में अनिमेष ने 10.15 सेकंड का समय निकालकर फिर से राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
अब शनिवार को फाइनल में गुरिंदरवीर और अनिमेष के बीच एक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
ओडिशा का प्रतिनिधित्व कर रहे अनिमेष ने भारतीय एथलेटिक्स महासंघ द्वारा तय 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के क्वालीफिकेशन मानक 10.16 सेकंड को भी पार कर लिया।
महिलाओं की लंबी कूद में भारत की दो दिग्गज खिलाड़ी शैली सिंह और एंसी सोजन एक-दूसरे से आगे निकलने के लिए जोर-आजमाइश करती नजर आईं।
आखिरकार एंसी ने 6.75 मीटर की दूरी के साथ जीत हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने पिछले साल कोच्चि में शैली द्वारा बनाए गए 6.64 मीटर के मीट रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
‘अंजू बॉबी जॉर्ज स्पोर्ट्स फाउंडेशन’ का प्रतिनिधित्व कर रहीं शैली को 6.58 मीटर की कूद के साथ दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा।
सीमा पहले दिन महिलाओं की चक्का फेंक स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों का क्वालीफिकेशन मानक हासिल करने वाली दूसरी एथलीट थीं। उनका 57.29 मीटर का थ्रो राष्ट्रमंडल खेलों के 56.85 मीटर के क्वालीफिकेशन मानक से बेहतर था।
सुबह के सत्र में दीपक भट्ट ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ 29 मिनट 42.93 सेकंड के साधारण समय के साथ जीती। वहीं कर्नाटक के शिवाजी एम को गर्म मौसम में हुई कठिन दौड़ के दौरान ‘डिहाइड्रेशन’ की समस्या हुई जिसके बाद टीम कोचों ने उनकी मदद की।
महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में रवीना गायकवाड़ ने 35:30.98 के समय के साथ जीत हासिल की जो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के क्वालीफिकेशन मानक 31:14.14 से काफी पीछे रहा।
यह प्रतियोगिता इसलिए अहम है क्योंकि यह पहली बार है जब एएफआई राष्ट्रीय स्तर पर एसआरवाई जीन परीक्षण करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि महिलाओं के वर्ग में सिर्फ ‘बायोलॉजिकल’ महिलाएं ही हिस्सा लें। यह जिंदगी में एक बार होने वाला जरूरी परीक्षण है और इसे गाल के स्वैब या खून जांच के जरिए किया जाएगा।
एएफआई भारतीय खिलाड़ियों की डीएनए जांच भी शुरू करेगा ताकि उनका डेटा इकट्ठा करके सुरक्षित रखा जा सके। इस डेटा का इस्तेमाल बाद में रिसर्च और डेवलपमेंट, चोटों से बचाव और दूसरे कामों के लिए किया जा सकता है। एसआरवाई जांच और डीएनए जांच दोनों के नतीजे और रिकॉर्ड गोपनीय रखे जाएंगे।
ग्लासगो (23 जुलाई से दो अगस्त) में होने वाले 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आखिरी चयन टूर्नामेंट होने के अलावा, 22 से 25 मई तक चलने वाला यह फेडरेशन टूर्नामेंट नौ से 12 जुलाई तक चीन में होने वाली पहली एशियाई अंडर-23 चैंपियनशिप के लिए ट्रायल के तौर पर भी काम करेगा।
भाषा नमिता आनन्द
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