(तस्वीर के साथ)
गांधीनगर, 22 मई (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भारत गुजरात में स्थित गिफ्टी सिटी के माध्यम से पैमाना, प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और वृद्धि के अवसरों का एक अनूठा संयोजन पेश करता है।
सीतारमण ने 'गुजरात अंतरराष्ट्रीय वित्त प्रौद्योगिकी' (गिफ्ट) सिटी और यहां विकसित हो रही अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा परिवेश की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
गिफ्ट सिटी गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्थित देश का पहला सक्रिय स्मार्ट सिटी है और यहां पर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) मौजूद है।
वित्त मंत्री ने बैठक के बाद अपने संबोधन में कहा कि अब तक हुई प्रगति उत्साहजनक है और हितधारकों के बीच निरंतर समन्वय से 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में इसकी भूमिका और मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि गिफ्ट सिटी वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ भारत के तालमेल को मजबूत बनाने और अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह को सुगम बनाने में रणनीतिक भूमिका निभा रहा है।
सीतारमण ने कहा कि यह शहर भारत की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है और देश के बढ़ते आर्थिक आत्मविश्वास एवं वैश्विक आकांक्षाओं को दर्शाता है।
बैठक में बैंक, वित्तीय-प्रौद्योगिकी, बीमा और कोष प्रबंधन क्षेत्रों के विस्तार, वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी), विमानों एवं जहाजों के पट्टे से संबंधित परिवेश, बुनियादी ढांचे के विकास, वैश्विक कनेक्टिविटी और कारोबारी सुगमता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा ने भी बैठक में भाग लिया। उन्होंने गिफ्ट-आईएफएससी के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित करने पर जोर दिया।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, गिफ्टी सिटी में फिलहाल 1,150 से अधिक इकाइयां वित्तीय सेवाओं, प्रौद्योगिकी और संबद्ध क्षेत्रों में काम कर रही हैं। यहां बैंकिंग परिसंपत्तियां 110 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी हैं, जबकि कोष प्रबंधन गतिविधियों के तहत पूंजी प्रतिबद्धताएं 32 अरब डॉलर से अधिक हैं।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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