तिरुवनंतपुरम, 22 मई (भाषा) केरल में सत्तारूढ़ कांग्रेस, उसके सहयोगी दल आईयूएमएल और विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कई युवा नेताओं ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) नामक एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अकाउंट के प्रति अपना समर्थन जताया है।
नवनिर्वाचित विधायक अबिन वर्की (कांग्रेस), पी के नवास और टी पी अशरफअली (आईयूएमएल), तथा वी के सनोज (माकपा) ने शुक्रवार को सीजेपी का समर्थन किया। इस व्यंग्यात्मक अभियान को छात्र नेताओं का भी साथ मिला है, जिसमें 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसएफआई) के प्रदेश अध्यक्ष एम शिवप्रसाद ने इसके पक्ष में बात की।
एक टेलीविजन चैनल से बात करते हुए युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष वर्की ने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ वाजिब सवाल उठाने वाले किसी भी आंदोलन का समर्थन करने में कुछ भी गलत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सीजेपी द्वारा उठाए गए मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
वर्की ने कहा, 'सीजेपी द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और उनके द्वारा उठाए गए अन्य मुद्दे वैध हैं।'
सीजेपी के असली 'एक्स' हैंडल को भारत में रोके जाने पर उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा स्वतंत्र समाचार पोर्टल और सोशल मीडिया हैंडल को बंद करने की कोशिश की जा रही है, जो एक 'फासीवादी' प्रवृत्ति को दर्शाता है।
उन्होंने सवाल किया, 'केंद्र डरा हुआ क्यों है? इससे पता चलता है कि सीजेपी द्वारा उठाए गए मुद्दे सही जगह चोट कर रहे हैं।'
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) विधायक नवास ने भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सीजेपी के युवाओं के बीच बढ़ते प्रभाव से असहज है, इसलिए उसका 'एक्स' हैंडल ब्लॉक किया जा रहा है।
उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि सीजेपी गरीब और बेरोजगार युवाओं की आवाज का मंच बन गया है, जिससे केंद्र सरकार परेशान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक राजनीति के जरिए ध्यान भटकाने की कोशिशों के बीच केंद्र सरकार युवाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर बोलते हुए बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।
नवास ने लिखा, 'किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि परीक्षा के पश्न पत्र लीक और भ्रष्टाचार से प्रभावित युवाओं के सवालों को डिजिटल सेंसरशिप के जरिए दबाया जा सकता है।' उन्होंने केंद्र की नीतियों के खिलाफ प्रतिरोध का आह्वान किया।
उनके पार्टी सहयोगी अशरफ अली ने कहा कि कुछ ही दिनों में भाजपा से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लेना कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने कहा, 'युवाओं के बीच उनका काफी प्रभाव है और भारत में उनमें बड़ी संभावनाएं हैं।' उन्होंने इसकी तुलना अरविंद केजरीवाल और अन्ना हजारे के आंदोलनों से की।
माकपा नेता सनोज ने भी कहा कि सीजेपी द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दे गंभीर हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सीजेपी संस्थापक के खिलाफ कथित जातिगत टिप्पणियों और सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ कार्रवाई को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अनुचित बताया।
भाषा सुमित नरेश
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