मुंबई, 22 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस चोकलिंगम ने शुक्रवार को अगले महीने होने वाले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया और कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से नहीं हटाए जाएंगे।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्वाचन आयोग ने राज्य में 72 प्रतिशत मतदाताओं की 'मैपिंग' पूरी कर ली है और इस कार्य को पूरा करने के लिए एक लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) तैनात किए गए हैं।
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, 'किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।'
जिन मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, उन्हें कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। जिन लोगों की मैपिंग हो चुकी है लेकिन उसमें कुछ विसंगतियां हैं के अलावा जिनकी मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें दस्तावेज जमा करने होंगे।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जो लोग इस प्रक्रिया से छूट गए हैं, उनके लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा।
चोकलिंगम ने कहा कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया 20 से 29 जून तक संचालित की जाएगी।
बीएलओ 30 जून से 29 जुलाई तक मतदाताओं के घरों का दौरा करेंगे, गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और भरे हुए प्रपत्र एकत्र करेंगे। मसौदा मतदाता सूची पांच अगस्त को प्रकाशित की जाएगी।
पांच अगस्त से चार सितंबर तक लोग मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे और आपत्तियों का निपटारा तीन अक्टूबर तक किया जाएगा।
अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर तक तैयार हो जाएगी।
चोकलिंगम ने बताया कि अब तक राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया के लिए 1,13,000 बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलए) नियुक्त किए हैं। भाजपा ने 52,100 बीएलओ, कांग्रेस ने 17,400, शिवसेना ने 17,800, शिवसेना-उबाठा ने 10,000, राकांपा ने 6,400, राकांपा-शप ने 4,400, मनसे ने 3,800, अन्य ने 1,050 और बसपा ने 193 बीएलओ नियुक्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि बीएलओ को उन लोगों की सूची भी दी जाएगी जिन्हें सूची से बाहर रखा गया है और वे इसे प्राप्त करने के छह दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं।
भाषा राखी पवनेश
पवनेश