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उप्र की देसी गायों के हाई प्रोटीन दूध, गो उत्पादों की भारतीय सेना में बढ़ रही मांग

लखनऊ, 22 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश की देसी गायों के हाई प्रोटीन दूध और गो उत्पादों की भारतीय सेना में मांग बढ़ रही है। साथ ही प्रदेश में तैयार उच्च स्तरीय गो उत्पादों की आपूर्ति अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अलावा चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई तक ऑनलाइन की जा रही है। एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।

बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से राज्य में गो संरक्षण अब ‘‘राष्ट्रशक्ति और आर्थिक समृद्धि का नया मॉडल बनकर उभरा है।’’

पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के नेतृत्व में उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं।

बयान के अनुसार, प्रयागराज के इंजीनियर एसएन द्विवेदी ने नोएडा में रोजगार के साथ गो संरक्षण का नया मॉडल पेश किया है। उनकी गोशाला की गिर, साहीवाल समेत देसी नस्लों की गायों के दूध में उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन और प्राकृतिक पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि सेना में इसके उपयोग की मांग लगातार बढ़ रही है।

बयान के मुताबिक, प्रदेश में पहली बार आइसलैंड और डेनमार्क की अत्याधुनिक डेयरी तकनीक से दूध उत्पादन और प्रोसेसिंग की वैज्ञानिक व्यवस्था की गई है। इसे अपनी तरह का देश का पहला अभिनव प्रयोग माना जा रहा है।

नोएडा में 200 देसी गायों की डेयरी चला रहे एसएन द्विवेदी अब अलीगढ़ में 500 गायों की अत्याधुनिक गोशाला तैयार कर रहे हैं। द्विवेदी का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उन्हें गो सेवा को बड़े स्तर पर बढ़ाने की प्रेरणा मिली।

उन्होंने कहा कि गो संरक्षण गांवों की अर्थव्यवस्था बदलने का बड़ा माध्यम बन सकता है।

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गोशालाओं, आधुनिक डेयरी तकनीक और ऑनलाइन मार्केटिंग से प्रदेश का देसी गाय आधारित मॉडल राष्ट्रीय पहचान बना चुका है।

भाषा आनन्द राजकुमार शफीक

शफीक