नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘हीरा ग्रुप’ से जुड़े हैदराबाद के कथित निवेश धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी नौहेरा शेख को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित किराए के मकान से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
शेख को बृहस्पतिवार को ईडी और हरियाणा पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत गुरुग्राम के सेक्टर 45 से गिरफ्तार किया गया।
ईडी ने एक बयान में कहा कि वह शेख कमर जहां के नाम से फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों (आधार कार्ड) का इस्तेमाल करके गुरुग्राम में रह रही थी। बयान में कहा गया कि उसे ‘एयरबीएनबी’ मंच के जरिये किराए पर लिए गए आवास से उसके साथी समीर खान के साथ गिरफ्तार किया गया।
महिला को शुक्रवार को हैदराबाद ले जाया गया और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, हैदराबाद की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने सात मई को शेख के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन वह अपने हैदराबाद स्थित पते पर नहीं मिली। खुफिया जानकारी में उसके गुरुग्राम में होने की सूचना मिली।
ईडी ने कहा कि शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य पर 36 प्रतिशत से अधिक वार्षिक मुनाफे का वादा करके लोगों से 5,978 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने का आरोप है। हालांकि, वे मूल राशि भी वापस करने में विफल रहे जिससे 1.72 लाख से अधिक निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई।
इस मामले में ईडी ने 428 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी और इन संपत्तियों की नीलामी के लिए उच्चतम न्यायालय से हरी झंडी मिल गई थी ताकि उनसे प्राप्त धनराशि को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत पीड़ितों को वापस लौटाया जा सके।
ईडी के अनुसार, कुछ संपत्ति की सफलतापूर्वक नीलामी हुई जिससे लगभग 122 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि शेख ने सफल बोलीदाताओं के पक्ष में बैनामा निष्पादन में सहयोग नहीं किया और नीलामी की कार्यवाही में बार-बार बाधा डालने का प्रयास किया।
भाषा संतोष नेत्रपाल
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