नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में लू लगने के संदेह में भर्ती कराए गए दो मरीजों में से एक की हालत में सुधार हुआ है जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
राजधानी लू की चपेट में है और बृहस्पतिवार की रात लगभग 14 वर्षों में मई की सबसे गर्म रात दर्ज की गई।
एक मरीज़ को बुधवार देर रात तेज़ बुखार व बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया और उसे तुरंत ‘वेंटिलेटर सपोर्ट’ और ‘इमर्शन कूलिंग थेरेपी’ दी गई। इसमें शरीर को कुछ देर ठंडे पानी में डुबाया जाता है ताकि शरीर का तापमान कम किया जा सके।
डॉक्टरों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के 24 वर्षीय छात्र को ट्रेन में यात्रा के दौरान बीमार पड़ने के बाद देर रात 1.45 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल के निदेशक और चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान ने बृहस्पतिवार को बताया,“वह ट्रेन में यात्रा कर रहा था और उसे उल्टी, थकान और दस्त हो रहे थे। उसे अचेतन अवस्था में अस्पताल लाया गया। हमने तुरंत उसे बर्फ के पानी में डाला और उसके शरीर के तापमान को कम करने की कोशिश की।”
बाद में उसे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया जहां वह अब भी गहन चिकित्सा प्रबंधन के अंतर्गत है।
उन्होंने शुक्रवार को एक अपडेट में कहा, '24 वर्षीय मरीज की हालत अब भी गंभीर है।'
दूसरा मरीज लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति है और उसे बृहस्पतिवार सुबह करीब 10:45 बजे पुलिस द्वारा अस्पताल लाया गया। वह बेहोश था और उसका शरीर का तापमान बहुत अधिक था। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया तथा ‘इमर्शन कूलिंग थेरेपी’ दी गई।
शुक्रवार को उसकी सेहत के बारे में जानकारी देते हुए चौहान ने कहा, 'मरीज की हालत अब स्थिर है और वह होश में है, हालांकि वह अब भी भ्रमित है।'
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नोमान नरेश
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