US Iran Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु हथियारों के मुद्दे पर इस्लामाबाद में तेहरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के कुछ घंटों बाद रविवार को ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के प्रवेश या निकास को रोकने के लिए तत्काल नाकेबंदी शुरू करेगी।
अमेरिकी सेंट्रल कमान का कहना है कि वो ईरानी समयानुसार शाम 5:30 बजे से ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले सभी जहाजों को रोकना शुरू कर देगी। अमेरिका के इस ऐलान का मतलब है कि किसी भी देश का कोई भी जहाज, जो ईरानी बंदरगाहों से आने और जाने की कोशिश करेगा, इस नाकेबंदी के दायरे में आएगा।
हालांकि, जो जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं और ईरान नहीं जा रहे हैं, उन्हें आने-जाने की इजाजत होगी। यानी यूएस नेवी की नाकेबंदी से वैश्विक व्यापार पूरी तरह से ठप नहीं होगा, लेकिन ईरान के व्यापार पर असर पड़ेगा।
इस बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि वो अमेरिका की "धमकियों के आगे नहीं झुकेगा" और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आने वाले सैन्य जहाजों को करारा जवाब दिया जाएगा। अमेरिका और ईरान के बीच इस तनातनी का असर तेल बाजार पर दिख रहा है। सोमवार सुबह अमेरिकी कच्चे तेल में आठ फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि ब्रेंट क्रूड में सात प्रतिशत का इजाफा देखा गया।
वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का करीब 25 फीसदी हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है। यही वजह है कि ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण चाहता है।