Breaking News

नेपाल में ईंधन संकट के बीच सरकार का फैसला, अब हफ्ते में दो दिन छुट्टी     |   बंगाल के कूचबिहार पहुंचे पीएम मोदी, जनसभा को कर रहे संबोधित     |   कूचबिहार में प्रधानमंत्री मोदी बोले - रैली ने बदलाव पर मुहर लगा दी, बीजेपी की होगी प्रचंड जीत     |   बंगाल में संविधान की प्रक्रिया भी सुरक्षित नहीं, अधिकारियों को बंधक बनाया गया: PM मोदी     |   चुनाव में लालच रोकने के लिए ECI का एक्शन, जब्त किए ₹650 करोड़ की नकदी-शराब     |  

दक्षिणी प्रशांत महासागर में 6.1 तीव्रता का भूकंप, 10 किमी गहराई से बढ़ा खतरा

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार रविवार देर रात दक्षिणी प्रशांत महासागर में 6.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर रही, जिससे सतही झटकों का खतरा अधिक माना जा रहा है। एनसीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया "भूकंप की तीव्रता 6.1 रही, समय: 22/03/2026 रात 8:57:59 IST, अक्षांश: 15.353 S, देशांतर: 172.824 W, गहराई: 10 किलोमीटर, स्थान: दक्षिणी प्रशांत महासागर।"

सतही भूकंप आम तौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक माने जाते हैं। इसका कारण यह है कि सतही भूकंपों की भूकंपीय लहरें सीधे सतह तक पहुंचती हैं, जिससे झटके अधिक तीव्र होते हैं और संरचनाओं तथा जनहानि का जोखिम बढ़ जाता है। दक्षिणी प्रशांत महासागर का यह क्षेत्र पृथ्वी के सबसे सक्रिय भूकंपीय बेल्ट, सर्कम-पैसिफिक सिस्मिक बेल्ट या रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। यहां लगभग 81 प्रतिशत सबसे बड़े भूकंप आते हैं। इस बेल्ट के भीतर मुख्यतः टेक्टोनिक प्लेट्स की गति और सबडक्शन (एक प्लेट के नीचे दूसरी का डूबना) के कारण भूकंप आते हैं। इतिहास में यहां कई विनाशकारी भूकंप हुए हैं, जैसे 1960 का चिली भूकंप (M9.5) और 1964 का अलास्का भूकंप (M9.2)।