पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) से पहले बेरहामपुर के YMA ग्राउंड स्थित वितरण केंद्र पर अंतिम तैयारियां जोरों पर हैं। यहां से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और अन्य चुनाव सामग्री को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान केंद्रों तक भेजा जा रहा है। चुनाव कर्मियों को सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई है और प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए अधिकारी तैनात हैं। प्रीसाइडिंग ऑफिसर रोशनी रॉय ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हैं और प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के चल रही है। उन्होंने कहा, “इस बार चुनाव प्रक्रिया थोड़ी सख्त है, लेकिन सब कुछ ठीक से हो रहा है। मेरा बूथ भी शांतिपूर्ण है।”
पहली बार नहीं बल्कि दूसरी बार चुनाव ड्यूटी निभा रहीं पोलिंग ऑफिसर बेगम मेरी ने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत है। उन्होंने कहा, “इस बार हम ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।” पहले चरण के लिए 152 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। इस चरण में टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जबकि कांग्रेस और CPI(M) अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं।
बीजेपी ने घुसपैठ, कानून-व्यवस्था और मतदाताओं में डर जैसे मुद्दे उठाए हैं, जबकि टीएमसी ने इसे “एंटी-बंगाली” करार दिया है। बीजेपी ने सातवें वेतन आयोग को लागू करने और महिलाओं, युवाओं व किसानों के लिए कई वादे किए हैं। टीएमसी के प्रमुख उम्मीदवारों में गौतम देव (सिलीगुड़ी), उदयन गुहा (दिनहाटा), फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट) और पवित्र कर (नंदीग्राम) शामिल हैं। वहीं बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर से मैदान में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया। बंगाल में पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस की सरकार है।