झारखंड के सारंडा जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक आईईडी ब्लास्ट में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक जवान घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, घायल जवान को बेहतर इलाज और चिकित्सीय जांच के लिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया है। घटना से जुड़ी अन्य जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच, एक अन्य बड़ी खबर में एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली नेता प्रशांत बोस का गुरुवार को निधन हो गया। वह रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद था। शीर्ष CPI (माओवादी) नेता ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।
RIMS के अधीक्षक हीरेन बिरुआ के अनुसार, 82 वर्षीय प्रशांत बोस कई बीमारियों से ग्रस्त थे और जेल में उनका इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर उन्हें RIMS लाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। झारखंड पुलिस ने प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शीला मरांडी, जो CPI (माओवादी) की सदस्य हैं, को नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया था। इनके साथ चार अन्य सक्रिय सदस्यों को भी 12 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। यह जानकारी उस समय रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी (ऑपरेशंस) अमोल विनुकांत होमकर ने दी थी।
बोस उर्फ ‘किशन दा’ को कोल्हान क्षेत्र से एक विशेष सूचना के आधार पर चलाए गए पुलिस चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा के अनुसार, वह बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में सक्रिय शीर्ष नक्सली नेताओं में से एक था और 1960 के दशक से नक्सल आंदोलन से जुड़ा हुआ था। आईजी ने उसकी गिरफ्तारी को “सबसे बड़ी उपलब्धि” बताया था। वहीं, सरकार के लक्ष्य के अनुरूप सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयासों से नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।