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अमेरिका-रूस के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण समझौता खत्म, यूएन महासचिव ने इसे बताया 'गंभीर संकेत'

अमेरिका और रूस के बीच दशकों से चला आ रहा परमाणु हथियार नियंत्रण का सबसे अहम समझौता गुरुवार को खत्म हो गया। इसे न्यू स्टार्ट यानी न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी के नाम से जाना जाता है।

नई सामरिक शस्त्र कटौती संधि 2010 में की गई थी। अब 50 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार ऐसा होगा जब दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु ताकतों पर किसी भी तरह की कानूनी रोक नहीं रहेगी। इस संधि को एक बार 2021 में पांच साल के लिए बढ़ाया गया था।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले एक साल के लिए संधि की सीमाओं का पालन करने के लिए तैयार होने का ऐलान किया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से इसे बढ़ाने के बारे में कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई।

व्हाइट हाउस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ट्रंप चाहते हैं कि चीन को हथियार नियंत्रण वार्ता में शामिल किया जाए। हालांकि, बीजिंग की दलील है कि उसके पास परमाणु हथियार काफी कम हैं और वो ऐसी सीमाओं से बंधना नहीं चाहता।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 'न्यू स्टार्ट' के खत्म होने से अनियंत्रित परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है - जिससे दुनिया कम स्थिर और ज्यादा खतरनाक हो जाएगी।

अमेरिका और रूस के बीच दशकों से चला आ रहा परमाणु हथियार नियंत्रण का सबसे अहम समझौता गुरुवार को खत्म हो गया। इसे न्यू स्टार्ट यानी न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी के नाम से जाना जाता है। नई सामरिक शस्त्र कटौती संधि 2010 में की गई थी। अब 50 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार ऐसा होगा जब दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु ताकतों पर किसी भी तरह की कानूनी रोक नहीं रहेगी।

इस संधि को एक बार 2021 में पांच साल के लिए बढ़ाया गया था। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले एक साल के लिए संधि की सीमाओं का पालन करने के लिए तैयार होने का ऐलान किया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से इसे बढ़ाने के बारे में कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई।

व्हाइट हाउस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ट्रंप चाहते हैं कि चीन को हथियार नियंत्रण वार्ता में शामिल किया जाए। हालांकि, बीजिंग की दलील है कि उसके पास परमाणु हथियार काफी कम हैं और वो ऐसी सीमाओं से बंधना नहीं चाहता।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 'न्यू स्टार्ट' के खत्म होने से अनियंत्रित परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है - जिससे दुनिया कम स्थिर और ज्यादा खतरनाक हो जाएगी।