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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे मजबूत, 93.22 के लेवल पर हुआ बंद

Rupee vs Dollar: पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम की उम्मीदों के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे मजबूत होकर 93.23 (अस्थायी) पर रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने स्थानीय मुद्रा की बढ़त को सीमित कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से घरेलू मुद्रा में तेजी आई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.29 पर खुला और दिन के कारोबार में डॉलर के मुकाबले 93.16 के ऊपरी और 93.35 के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में ये 93.23 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे की बढ़त है। रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे बढ़कर 93.33 पर बंद हुआ था।

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक (जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि रुपये की बढ़त मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों से प्रेरित है। इस वजह से पिछले 48 घंटों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और इससे भारत के आयात बिल पर दबाव कम हुआ है।

त्रिवेदी ने कहा, ‘‘हालांकि, ये सुधार नाजुक बना हुआ है, क्योंकि बाजार की भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर करीब से नजर है और कच्चे तेल की कीमतों में किसी भी तरह की तेजी का असर रुपये पर तुरंत पड़ सकता है। रुपये का दायरा 92.75-93.75 के बीच रह सकता है।’’

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 प्रतिशत बढ़कर 98.03 पर पहुंच गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.65 प्रतिशत बढ़कर 96.50 डॉलर प्रति बैरल पर था।

पश्चिम एशिया में संकट जल्द खत्म होने की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 666.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।