Breaking News

चंडीगढ़ में पंजाब BJP दफ्तर के बाहर हुए ब्लास्ट केस में दो संदिग्धों की पहचान हुई     |   तेलंगाना में 12 मार्च से अबतक अवैध रूप से जमा किए गए 3700 घरेलू LPG सिलेंडर जब्त     |   सुनेत्रा पवार 6 अप्रैल को बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगी     |   ईरान की सेना ने जॉर्डन-कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन अटैक किए     |   ईरान की राजधानी तेहरान में धमाके की आवाज सुनी गई, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर     |  

UP: अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, दुबई से ठगी सीखकर लौटे दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

पीलीभीत की घुंघचाई थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने दुबई में ठगी का प्रशिक्षण लिया था और भारत में अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे। यह गिरोह फर्जी गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों को ठगता था। थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने गिरोह के मुख्य संचालक हर्षित उर्फ तनिश को मध्य प्रदेश के भोपाल से और दूसरे मास्टरमाइंड आशुतोष कुमार उर्फ आशु को दिल्ली के मालवीय नगर से गिरफ्तार किया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस गिरोह के कुछ सदस्य पहले ही पीलीभीत और उत्तराखंड के रुद्रपुर से पकड़े जा चुके थे। हालांकि, ये दोनों मुख्य सरगने लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने दुबई में रहकर फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए साइबर ठगी करने का प्रशिक्षण लिया था। भारत लौटने के बाद, उन्होंने अवैध कॉल सेंटर स्थापित किए। ये अपराधी लोगों को ऑनलाइन गेमिंग में भारी मुनाफे का लालच देते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर ऐप डाउनलोड करता, वे उनके बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते और तुरंत खाते खाली कर देते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से अपराध में प्रयुक्त भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। इनमें सात हाई-टेक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप (जिसमें ठगी का डेटा होने की आशंका है), एक पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से एक संगठित गिरोह चला रहे थे। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके बैंक खातों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।