बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने रविवार को अपना पहला ग्रैमी पुरस्कार जीता। पुरस्कार जीतने के बाद कृतज्ञता जताते हुए उन्होंने कहा कि इस सम्मान को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि साझा सार्वभौमिक जिम्मेदारी की पहचान के रूप में देखा जाना चाहिए। सर्वश्रेष्ठ ऑडियो बुक, नैरेटिव और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में ग्रैमी पुरस्कार जीतने के बाद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में तिब्बती आध्यात्मिक नेता ने कहा कि ये सम्मान उन मूल्यों को दर्शाता है, जो मानवता के सामूहिक कल्याण के लिए जरूरी हैं।
दलाई लामा ने लिखा, “मैं इस सम्मान को कृतज्ञता और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। मैं इसे व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी साझा सार्वभौमिक जिम्मेदारी की पहचान के रूप में देखता हूं।” उन्होंने शांति, करुणा, पर्यावरण संरक्षण और मानवता की एकता की समझ के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये सिद्धांत दुनिया भर के आठ अरब लोगों के लिए जरूरी हैं। दलाई लामा ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ग्रैमी पुरस्कार से इन संदेशों को और ज्यादा व्यापक रूप से फैलाने में मदद मिलेगी। आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने 68वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कारों में ये पुरस्कार जीता, जो प्रतिष्ठित वैश्विक संगीत सम्मानों में उनकी पहली जीत है।
90 की उम्र में दलाई लामा ने जीता अपना पहला ग्रैमी, कहा-व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं,...
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