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'लाल नदियों और नीली पहाड़ियों की भूमि' के लिए जाना जाता है असम, जानिए इससे जुड़ा इतिहास

असम उत्तर पूर्वी भारत में एक राज्य है। जिसे 'लाल नदियों और नीली पहाड़ियों की भूमि' के रूप में जाना जाता है। यह अपनी समृध्द संस्कृति, चाय के खुशबूदार बागान, प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। हर साल देश-विदेश से बहुत लोग यहां घूमने आते है। इसके अलावा यहां की भाषा, पहनावा और भोजन भी काफी शानदार है।

आइए जानते है असम का इतिहास ऐसा कहा जाता है की असम की भूमि पर लगभग 600 साल तक अहोम शासकों का राज रहा था। प्राचीन समय में असम को ‘प्राग्‍ज्‍योतिष’ यानी ‘पूर्वी ज्‍योतिष का स्‍थान’ कहा जाता था और बाद में इस राज्य का नाम ‘कामरूप’ पड़ गया। इसके इतिहास की बात करें तो सन् 1228 में पूर्वी पहाड़ियों पर से एक नया बदलाव देखा गया। जो करीब 600 सालों तक यहां रहें। लेकिन राजदाबर के लड़ाई झगड़े के चलते अहोम शासकों का राज कम होने लगा। इसके बाद यहां बर्मी लोग आकर बसे, लेकिन एक संधि के चलते ये राज्य सन् 1826 में ब्रिटिश सरकार को सौंप दिया गया। ये राज्य अंतर्राष्‍ट्रीय सीमाओं से लगा हुआ है, जहां असम के उत्‍तर में भूटान और अरूणाचल प्रदेश, पूर्व में मणिपुर तथा नागालैंड और दक्षिण में मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा हैं।

असम के लोग बहुत ही साधारण पोशाक पहनते हैं और आमतौर पर हाथ से बनी पोशाक पहनते हैं। मेखला असम की महिलाओं की पारंपरिक पोशाक है, जो कपड़े के तीन हिस्सों की एक पोशाक है। मेखला के कपड़े की बनावट मुग़ा कहे जाने वाले सुनहरे रेशम से होती है। मेखला एक तरह का सारोंग होता है, जो कमर के ऊपर पहना जाता है। इस प्रकार यह लुंगी जैसा दिखता है। इसके अलावा, शरीर के सामने के हिस्से को कपड़े के टुकड़े में लपेटा जाता है, जिसे चादर कहा जाता है। धोती और गमोसा को असम के पुरुषों की पोशाक है। असम में अलग-अलग तरह की जैसे दिमासा जनजाति, बोडो जनजाति, मिशिंग जनजाति, और राभा जनजाति रहती है। 

असम का प्रसिद्ध भोजन जैसे डक मीट, खार, मसोर टेंगो, आलू पिटिका इन व्यंजनो के बारे में सुनकर लोगों के मुंह में पानी आने लगता है, खासकर नॉन वेजिटेरियन लोगों के लिए असम का खाना, दिल खुश कर देने वाला होता है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि यहां का खाना सिर्फ और सिर्फ नॉन वेजिटेरियन ही है। यहां के कई फेमस वेजिटेरियन फूड और मिठाइयां भी बेहद टेस्टी होती हैं। असम में बहुत तरह के लोक नृत्य किए जाते है, जिनमें बिहू नृत्य और बागुरुम्बा, भोर नृत्य, ओजापली नृत्य आदि शामिल हैं। ऐसा बताया जाता है की असम के लोगों का सबसे लोकप्रिय नृत्य बिहू है।