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मानसून को लेकर उत्तराखंड सरकार अलर्ट, आपदा प्रबंधन विभाग ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

उत्तराखंड में आगामी मानसून और चारधाम यात्रा को देखते हुए सोमवार को आपदा प्रबंधन विभाग ने संबद्ध विभागों और जिला प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में भारी बारिश और संभावित आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए सभी विभागों को तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए। यह बैठक भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 12 और 13 मई के लिए राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद आयोजित की गई। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बैठक में शहरी जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई, जलस्तर बढ़ने वाली नदियों की ड्रेजिंग, आवश्यक राशन और दवाओं का भंडारण तथा अन्य एहतियाती उपायों पर विस्तृत निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कार्य करने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि बैठक में सिंचाई, शहरी विकास, पुलिस, वन, पर्यटन, पशुपालन, स्वास्थ्य और जिला प्रशासन सहित कई विभागों ने भाग लिया।

उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग को अन्य विभागों के साथ समन्वय कर चारधाम यात्रा के दौरान बारिश की स्थिति से निपटने की जिम्मेदारी दी गई है। पशुपालन विभाग को यात्रा में उपयोग होने वाले खच्चरों और अन्य पशुओं के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए भीड़ नियंत्रण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने यात्रियों से 12 और 13 मई को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा करना बेहतर होगा। राज्य सरकार ने कहा कि चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता, पार्किंग और यातायात प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में SDRF, NDRF, पुलिस और अग्निशमन दल तैनात किए गए हैं। मंदिरों में भीड़ नियंत्रण के लिए टोकन प्रणाली भी लागू की गई है। चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत 19 अप्रैल को धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई थी।