सर्दियां शुरू होते ही घरों में गीजर का इस्तेमाल बढ़ जाता है, लेकिन इसी के साथ बढ़ जाता है एक बड़ा खतरा—बिजली का झटका लगने का। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर हादसे गीजर की खराबी से नहीं, बल्कि लोगों की छोटी-छोटी लापरवाहियों से होते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित हो जाती हैं।
सबसे आम गलती है गीले हाथों से स्विच छूना। बाथरूम में नमी अधिक होने के कारण यह आदत बड़ा हादसा बन सकती है। वहीं कई घरों में 5 से 10 साल पुराने गीजर बिना किसी मेंटेनेंस के चल रहे हैं। ऐसे गीजरों में हीटिंग कॉइल, थर्मोस्टेट और सेफ्टी कट-ऑफ जैसे महत्वपूर्ण हिस्से अक्सर खराब हो चुके होते हैं। यही खराबियां गीजर के ओवरहीट होने, शॉर्ट सर्किट होने और करंट लीकेज का कारण बनती हैं।
एक और बड़ी समस्या है खराब अर्थिंग। पुराने घरों में सही ग्राउंडिंग न होने से नल, पाइप और शॉवर में हल्का करंट महसूस होने लगता है, जो गंभीर दुर्घटनाओं की वजह बन सकता है। कई बार लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह खतरे का स्पष्ट संकेत होता है। सबसे महत्वपूर्ण है रेगुलर सर्विस। समय पर गीजर का सर्विस न करवाने से स्केलिंग जमा हो जाती है, वायरिंग ढीली हो जाती है और सेफ्टी फीचर्स कमजोर पड़ जाते हैं। ये सभी कारण दुर्घटनाओं के जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं। गीजर से जुड़े हादसों से बचने का एकमात्र उपाय है सावधानी और समय पर मेंटेनेंस। सर्दियों में गीजर का उपयोग हमेशा जिम्मेदारी से करें, क्योंकि थोड़ा सा ध्यान बड़ी दुर्घटनाओं को आसानी से टाल सकता है।